‘असुरक्षित’ रिपोर्ट पर डेढ़ महीने की खामोशी: जयपुर CMHO डॉ. मनीष मित्तल APO, केसर स्वीट्स फाइल दबाने के आरोप

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने केसर स्वीट्स की असुरक्षित काजू कतली रिपोर्ट को दबाने के आरोप में जयपुर के सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल को एपीओ (APO) कर दिया है।

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डॉ. मनीष मित्तल, जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय), जिन्हें केसर स्वीट्स की खाद्य सुरक्षा रिपोर्ट दबाने के आरोप में एपीओ किया गया है।
डॉ. मनीष मित्तल, जिन्हें खाद्य सुरक्षा से जुड़ी केसर स्वीट्स की 'असुरक्षित' लैब रिपोर्ट पर कार्रवाई में छह सप्ताह की देरी करने के आरोप में पद से हटाया गया है।

JAIPUR : दीपावली के मुहाने पर जयपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक धमाका हुआ है। प्रसिद्ध ‘केसर स्वीट्स’ की काजू कतली की रिपोर्ट ‘असुरक्षित’ आने के बावजूद डेढ़ महीने तक फाइल दबाने के मामले में सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO-द्वितीय) डॉ. मनीष मित्तल को पद से हटाते हुए APO (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) में डाल दिया है।

24 अगस्त को CMHO की टीम ने केसर स्वीट्स के दुर्गापुरा और SL मार्ग आउटलेट्स से काजू कतली के सैंपल लिए थे। सितंबर में आई लैब रिपोर्ट में सैंपल मानव सेहत के लिए खतरनाक यानी ‘असुरक्षित’ पाए गए। नियमानुसार तुरंत कार्रवाई होनी थी, लेकिन आरोप है कि डॉ. मित्तल करीब डेढ़ महीने तक रिपोर्ट पर कुंडली मारकर बैठे रहे।

मीडिया में खबर आने के बाद 26 अक्टूबर को दुकान का लाइसेंस सस्पेंड किया गया, लेकिन इसके बाद भी मिठाइयां बिकती रहीं। शिकायत सीधे स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय पहुंची, तब जाकर खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती के बाद दुकान को लॉक और सीज किया गया।

सरकार ने डॉ. मित्तल की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से हटाकर निदेशालय में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने बाद में लाइसेंस निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। दिवाली की खरीदारी के बीच आई यह खबर साफ संदेश देती है कि मिलावटखोरी और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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