
SHRINAGAR : जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर उपजा असंतोष अब बगावत के रूप में सामने आ गया है। पार्टी के लगभग 25 असंतुष्ट विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मांगें पूरी न होने की स्थिति में विधानसभा से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
इस सियासी संकट को हल करने के लिए श्रीनगर में पार्टी शीर्ष नेतृत्व और असंतुष्ट विधायकों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। नाराज गुट की मुख्य मांगों में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगमी को पद से हटाना, उप-मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के विभागों में फेरबदल और सरकार से जुड़े प्रमुख लोगों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। बताया जा रहा है कि असंतुष्ट नेताओं ने अपनी मांगों और रणनीति को लेकर हाल के दिनों में कई गुप्त बैठकें भी की थीं।
इससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार में उपेक्षा से नाराज श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहंदी ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। वहीं, नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल जैसे कई वरिष्ठ विधायकों को जगह न मिलने से कार्यकर्ताओं में भी भारी रोष देखा गया।
सदन के समीकरणों की बात करें तो 90 निर्वाचित सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है। वर्तमान में नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके सहयोगियों के पास 53 सीटें हैं। यदि 25 विधायक इस्तीफा देते हैं, तो प्रभावी सीटों की संख्या घटकर 65 रह जाएगी और नई स्थिति में बहुमत के लिए 33 सीटों की जरूरत होगी। ऐसे में केवल 28 सीटों पर सिमट जाने से उमर सरकार अल्पमत में आ जाएगी।





































































