
JAIPUR : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ईवीएम के मुद्दे पर जारी सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जयपुर पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का तीखा हमला बोला।
जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों की मेहनत और दशकों के संसदीय प्रयासों से बनी संस्थाओं पर बार-बार हमला करना लोकतंत्र की पवित्रता को खतरे में डालता है। उन्होंने विपक्षी दल की नीयत पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व से छह सीधे सवाल दागे।
वैष्णव ने पूछा कि जो एसआईआर प्रक्रिया 1947 से नियमित रूप से चली आ रही है, कांग्रेस आज उसका विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों, दोहरी प्रविष्टियों और अवैध प्रवासियों के नाम बनाए रखने की पैरोकारी कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने ईवीएम पर कांग्रेस के दोहरे रवैये को आड़े हाथों लिया और याद दिलाया कि यह तकनीक खुद कांग्रेस के शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग रोकने के लिए लाई गई थी।
विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि केवल संविधान की प्रति लहराने से काम नहीं चलता, बल्कि उसकी गरिमा का सम्मान करना भी जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि अगर कांग्रेस एसआईआर पर वाकई गंभीर चर्चा चाहती है, तो सरकार संसद का विशेष सत्र तक बुलाने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि तथ्यों की कमी के कारण विपक्ष बहस पूरी करने के बजाय बीच में ही वॉकआउट कर जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का दौर अब खत्म हो चुका है और देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ मजबूती से खड़ी है।





































































