‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’: त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग की छापेमारी, 1.30 करोड़ का संदिग्ध घी और मिलावटी सामान बरामद

त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में चलाए विशेष अभियान के तहत 3,587 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जिसमें हजारों किलो दूषित और अमानक खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया।

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राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे के दौरान मेटल के डिब्बों में रखी गई संदिग्ध और मिलावटी खाद्य सामग्री।
त्योहारी सीजन में बड़ी कार्रवाई: दीपावली से पहले राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जब्त किए गए संदिग्ध घी और खाद्य तेल के टिन।

JAIPUR : दीपावली के त्योहार से ठीक पहले राजस्थान में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत 13 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच राज्य भर की 3,587 खाद्य दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 1.56 लाख किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई, जबकि 45,000 किलोग्राम से अधिक दूषित और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।

सबसे बड़ी कार्रवाई राजधानी जयपुर में देखने को मिली, जहां रामपुरा डाबड़ी स्थित हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स से करीब 35 टन (34,795 किलोग्राम) संदिग्ध नकली देशी घी जब्त किया गया। इसके अलावा झोटवाड़ा और सीतापुरा स्थित कोल्ड स्टोरेज से सड़ी हुई बादाम, खराब किशमिश और बिना लेबल की काली मिर्च बरामद की गई। वहीं श्रीगंगानगर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो बड़े गोदामों पर छापा मारकर लगभग 1.30 करोड़ रुपये की कीमत का 20,655 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया और तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया। भीलवाड़ा और ब्यावर में भी हजारों किलो मिलावटी मसाले और तेल पकड़े गए।

विभाग ने अभियान के दौरान कुल 5,095 सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य की केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में भेज दिए हैं। खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के जरिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई, लाइसेंस रद्द करने और अदालत में मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हालांकि, इस बड़े पैमाने पर हुई जब्ती ने एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है कि त्यौहारों के इस सीजन में कितना मिलावटी सामान निरीक्षण से पहले ही आम जनता की रसोई तक पहुंच चुका है। जानकारों का मानना है कि केवल दीवाली पर होने वाली यह मौसमी कार्रवाई काफी नहीं है; आम लोगों को सुरक्षित भोजन सुनिश्चित कराने के लिए ऐसी सख्त निगरानी पूरे साल बनी रहनी चाहिए।

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