Fuel Price News: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार का फोकस अब देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य में तेल संकट जैसी स्थिति से बचाव पर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% से बढ़ाकर 25% करने पर काम कर रही है.
ये बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से ( Fuel Price News)लागू की जा सकती है, क्योंकि इससे गाड़ियों की माइलेज, इंजन की क्षमता और लंबे समय में वाहनों पर असर पड़ सकता है. दरअसल, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ता है. इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है.
भारत का आयात बिल काफी
सरकार देश में मौजूद स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व यानी रणनीतिक तेल भंडार को बढ़ाने की योजना बना रही है. इसका मकसद ये है कि किसी ग्लोबल संकट, युद्ध या सप्लाई रुकने जैसी स्थिति में देश के पास पर्याप्त तेल स्टॉक मौजूद रहे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो इससे भारत का आयात बिल काफी बढ़ सकता है. यही वजह है कि सरकार अब तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी तेजी से काम कर रही है.
बोझ आम जनता पर कम से
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं. इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि सरकार की कोशिश है कि तेल कीमतों का बोझ आम जनता पर कम से कम पड़े. इसके लिए कई स्तरों पर रणनीति तैयार की जा रही है.
जरूरत पड़ने पर टैक्स में राहत और सप्लाई मैनेजमेंट जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं. सरकार लंबे समय से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स और बायोफ्यूल जैसे विकल्पों पर तेजी से निवेश किया जा रहा है.




































































