शिव जयंती पर बदली जयपुर की फिज़ाएं, मानसरोवर में उमड़ी आध्यात्मिक ऊर्जा

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Shiv Jayanti 2026

Shiv Jayanti 2026: सूर्योदय के साथ ही जब वातावरण में शिव नाम की मधुर गूंज फैलने लगी, तब महाशिवरात्रि और 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती का पावन पर्व मानसरोवर क्षेत्र में श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, मानसरोवर (जयपुर) के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और ( Shiv Jayanti 2026) सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः योग अभ्यास से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं साधकों ने भाग लिया। इसके पश्चात मुरली क्लास का आयोजन किया गया, जिसमें बी.के. जयंती दीदी, पद्मा दीदी एवं भावना दीदी ने परमपिता ज्योति स्वरूप परमात्मा शिव के अवतरण के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का स्मरण दिवस है, जो जीवन में शांति, पवित्रता और शक्ति का अनुभव कराता है। मुरली के माध्यम से नकारात्मक विचारों को सकारात्मक में परिवर्तित करने और स्वपरिवर्तन को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया गया।

इसके उपरांत भोग अर्पण एवं शिव ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक क्षेत्र की माताओं के घरों में भी शिव ध्वजारोहण किया गया, जिससे घर-घर आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण हुआ। कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज केंद्र, 13/480 कावेरी पथ, साई बाबा मंदिर के पास, मानसरोवर में आयोजित हुआ। आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने आत्मपरिवर्तन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

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