बांसवाड़ा परियोजना से वागड़ में विकास की नई लहर, सीएम भजनलाल के विजन का सामने आया प्लान

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CM Bhajanlal Sharma

CM Bhajanlal Sharma: जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा बांसवाड़ा जिले की महत्वाकांक्षी अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना वागड़ अंचल के जनजाति बहुल क्षेत्रों में कृषि (CM Bhajanlal Sharma)विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

परियोजना के पूर्ण होने पर बांसवाड़ा जिले की बांसवाड़ा, बागीदौरा और कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्रों की छह तहसीलों—बांसवाड़ा, बागीदौरा, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, आनंदपुरी एवं गांगड़तलाई के 338 गांवों की करीब 42 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को लिफ्ट सिंचाई प्रणाली के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लगभग 3.5 लाख लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

102 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर का निर्माण

परियोजना के तहत आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग करते हुए 102 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 22.50 किलोमीटर लंबी सुरंगें, कट एंड कवर संरचनाएं, एक्वाडक्ट और साइफन शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 230 अन्य महत्वपूर्ण संरचनाएं जैसे सुपरपासेज, ड्रेनेज साइफन, रोड ब्रिज, एस्केप कम क्रॉस रेगुलेटर और हेड रेगुलेटर भी विकसित किए जा रहे हैं।

प्रेशराइज्ड सिंचाई प्रणाली से खेतों तक पहुंचेगा पानी

परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक प्रेशर प्रणाली आधारित कमांड क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक 200 हेक्टेयर क्षेत्र पर चक स्तर पर लगभग 200 डिग्गियों का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्य नहर से इन डिग्गियों तक एमएस और डीआई पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। इसके बाद करीब 5 हजार किलोमीटर लंबा भूमिगत एचडीपीई पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे प्रेसराइज्ड सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचेगा।

प्रत्येक 1.25 से 1.50 हेक्टेयर क्षेत्र पर हाइड्रेंट पॉइंट विकसित किए जाएंगे, जहां से किसान सीधे सिंचाई के लिए पानी प्राप्त कर सकेंगे। इससे जल की बचत, समान वितरण और सिंचाई दक्षता में वृद्धि होगी।

स्काडा प्रणाली से होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग

परियोजना में अत्याधुनिक स्काडा (SCADA) प्रणाली भी विकसित की जा रही है, जिससे जल वितरण और संपूर्ण सिंचाई तंत्र की निगरानी एवं संचालन पूरी तरह ऑटोमेटेड होगा। यह प्रणाली दबाव और जल प्रवाह को नियंत्रित करने के साथ रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग की सुविधा भी प्रदान करेगी।

वर्तमान में 42 किलोमीटर नहर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनटेक स्ट्रक्चर और स्लूइस बैरल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। टनल, एक्वाडक्ट, साइफन तथा भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क का निर्माण विभिन्न स्थानों पर जारी है।

वर्षभर मिलेगी सिंचाई सुविधा

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को वर्षभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे मक्का, गेहूं, दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ेगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही भूजल स्तर में सुधार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वागड़ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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