फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की ठगी! जयपुर के डॉक्टर से 62 लाख ऐंठने वाले आरोपी पुलिस के शिकंजे में

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Share Market Fraud

Share Market Fraud: जयपुर के डॉक्टर से 62 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (Share Market Fraud)आरोपियों ने शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर रुपए ठगे थे।

गिरोह ने फर्जी कंपनी बनाकर देशभर में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की और उस रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र शर्मा और निखिल लूथरा टेरापल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और मूल रूप से दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं।

जांच में सामने आया कि कंपनी के नाम पर वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। देशभर में इस नेटवर्क के खिलाफ 250 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

जयपुर के डॉक्टर से की थी 61.77 लाख की ठगी

ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- जयपुर निवासी डॉक्टर ने 23 जनवरी 2025 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि ‘विकासा कैपिटल’ नाम के फर्जी निवेश पोर्टल के जरिए IPO और अमेरिकी-भारतीय शेयर बाजार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया।

आरोपियों ने वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए से फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल में नकली एप इंस्टॉल करवाई। आरोपियों ने शुरुआत में मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर 61.77 लाख रुपए अलग-अलग फर्मों के खातों में जमा करा लिए।

जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो विदेशी नियामक संस्था द्वारा खाता ब्लॉक होने का झूठा संदेश दिखाकर निकासी रोक दी गई।

साइबर ठगी के लिए किया जाता था कंपनी का यूज

ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया- पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनकी कंपनी का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिले रुपयों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को लेकर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए की 40 शिकायतें और 10 से ज्यादा आपराधिक मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज है।वहीं, साइबर क्राइम पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ 250 से ज्यादा शिकायतें और देशभर में 50 से ज्यादा FIR दर्ज है। पुलिस का अनुमान है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।वीके सिंह ने बताया- साइबर क्राइम थाना पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।

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