Govind Dev Giri Statement: राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में हुए बदलावों के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर उठ रही चर्चाओं पर अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने चंपत राय से मुलाकात के बाद उनके स्वास्थ्य और इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया।
बंद कमरे में 2 घंटे तक चली मुलाकात
गोविंद देव ने बताया कि स्थानीय संत और धर्मगुरु पूजा-पाठ और मंदिर के संचालन से जुड़े नियमों में सुधार चाहते हैं, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि ऐसी घटना दोबारा कभी नहीं होगी। बता दें कि चंपत राय और गोविंद देव की बंद कमरे में करीब 2 घंटे बातचीत हुई। इस दौरान दोनों के बीच दान चोरी, आरोपियों, पुलिस जांच, दान गणना की प्रक्रिया, राम मंदिर के संचालन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई और अहम जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ।
पुलिस के सामने आरोपियों के खुलासे
दान चोरी मामले के आरोपियों अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय ने कबूल किया है कि राम मंदिर के दान पात्रों से निकलने वाले पैसे को गिनते समय चोरी किया जाता था और चोरी किए पैसे का बंटवारा लखनऊ-गोरखपुर नेशनल हाईवे पर भीखापुर के पास एक बाग में किया जाता था। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने आरोपियों का रिमांड दिया है, जिसके तहत पुलिस टीम ने मामले के विवेचक क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पूछताछ की।
आमने-सामने बिठाकर पूछे गए सवाल
तीनों आरोपियों अनुकल्प, उसके बहनोई लवकुश और करुणेश पांडेय को पुलिस लाइन ले जाया गया। वहां मेडिकल कराने के बाद तीनों से बारी-बारी पूछताछ की गई। फिर तीनों का आमने-सामने बिठाकर दान चोरी से जुड़े सवाल पूछे गए। सवालों के जवाब देते हुए आरेपियों ने यह नहीं बताया कि वे किसके इशारे पर दान चोरी करते थे, लेकिन ट्रस्टियों की दान चोरी होने की जानकारी पहले से थी। बावजूद इसके दान चोरी रोकने के इतंजाम करना तो दूर प्रयास तक नहीं किया गया था।







































































