केतन अग्रवाल मर्डर केस: ₹1 करोड़, सीक्रेट कॉल और लोहागढ़… आखिर क्या है हत्या का सबसे बड़ा राज?

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Ketan Agrawal Murder Case

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे।  लोहागढ़ किला मर्डर केस में हर गुजरते दिन के साथ ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसने पुलिस और कानून के जानकारों को भी सन्न कर दिया है। 25 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे सिर्फ नवंबर में होने वाली शादी से (Ketan Agrawal Murder Case)इंकार ही एकमात्र वजह नहीं थी, बल्कि इसके पीछे ‘पैसों का एक ऐसा खूनी खेल’ खेला जा रहा था जिसकी कल्पना भी रोंगटे खड़े कर देती है।

वित्तीय जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस हत्याकांड में अब एक बड़ा ‘मनी ट्रेल’ (वित्तीय कनेक्शन) सामने आया है, जिसने आरोपी 20 साल की सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 साल के चेतन चौधरी की क्रूरता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

प्रेमी के अकाउंट में पहुंचे पैसे!

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल ने अपनी मंगेतर सिया गोयल को शादी से जुड़े भव्य खर्चों और तैयारियों के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की एक मोटी रकम दी थी। केतन को अंदाजा भी नहीं था कि जिस लड़की को वह अपनी जीवनसंगिनी बनाने जा रहा है, वह उसकी दी हुई रकम से अपने प्रेमी का भविष्य संवार रही है।

बिज़नेस और करियर की खौफनाक फंडिंग: जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया ने इस भारी-भरकम रकम का एक भी हिस्सा शादी की तैयारियों में खर्च नहीं किया। इसके बजाय, यह पूरी रकम सीक्रेट तरीके से सह-आरोपी चेतन चौधरी को ट्रांसफर कर दी गई। चेतन इस 1 करोड़ रुपये से अपने करियर को सेट करने और एक नया बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहा था, ताकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।

हत्या के बाद का ‘3 साल का मास्टरप्लान’

जांच कर रहे अधिकारियों का दावा है कि सिया और चेतन ने सिर्फ केतन को रास्ते से हटाने की ही योजना नहीं बनाई थी, बल्कि उसके बाद की जिंदगी का भी पूरा खाका तैयार कर लिया था। उनकी प्लानिंग के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन की हत्या को ‘एक हादसा’ साबित करने के बाद, दोनों अगले तीन साल तक एक-दूसरे से पूरी तरह अलग रहने वाले थे।

वे चाहते थे कि तीन साल के लंबे वक्त में इस केस से पुलिस और मीडिया का ध्यान पूरी तरह हट जाए। इस दौरान चेतन, केतन के ही 1 करोड़ रुपयों से अपना बिजनेस साम्राज्य खड़ा कर लेता। इसके बाद, दोनों सिया के परिवार के सामने इस तरह पेश आते जैसे वे अब एक-दूसरे को पसंद करने लगे हैं, और परिवार की मंजूरी से धूमधाम से शादी कर लेते।

केतन को छूने तक से डरती थी सिया!

पुलिस और पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को वारदात वाले दिन बेहद शातिराना तरीके से साजिश को अंजाम दिया गया। इस जोड़े ने हमले का सही समय तय करने के लिए एक ‘स्पेशल डेथ सिग्नल’ (खास इशारा) बनाया था। प्लान के मुताबिक, सिया को गहरी खाई के पास जाकर या तो बैठकर पानी पीने का नाटक करना था या फिर अपने जूते के फीते बांधने का बहाना करना था।

सिया का बहाना: पानी पीना/फीते बांधना-चेतन के लिए इशारा-केतन को जानलेवा धक्का….जैसे ही सिया ने यह इशारा किया, पीछे छिपे चेतन ने केतन को जोरदार धक्का दे दिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह सिग्नल जानबूझकर इस तरह चुना गया था ताकि धक्का देते समय सिया, केतन की पहुंच से बहुत दूर रहे। कातिल जोड़े को डर था कि अगर चेतन ने केतन को धक्का दिया और गिरते समय तड़पते हुए केतन ने खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश की, तो सिया भी नीचे खाई में गिर सकती थी। यह पूरी प्लानिंग सिया की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई थी।

आखिरी 34 मिनट की वो कॉल

आरोपियों की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना वाले दिन सुबह करीब 7 बजे ही चेतन चौधरी ने अपने मोबाइल का इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया था ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन ट्रेस न हो सके। इतना ही नहीं,

वह पुणे से लोहागढ़ किले तक करीब 90 किलोमीटर का सफर कार के बजाय एक स्कूटर से तय करके पहुंचा, ताकि रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम से अपनी गाड़ी को बचा सके। पुलिस ने अब उस स्कूटर को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला है कि मर्डर से ठीक 34 मिनट पहले सिया ने चेतन को फोन किया था, जो कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों के बीच का आखिरी तालमेल था। फिलहाल दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, और पुलिस इस 1 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल के पुख्ता डिजिटल सबूत कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है ताकि दोनों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

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