Al Falah University: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी (Al Falah University) के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी (Jawad Ahmad Siddiqui) को गिरफ्तार किया है. सिद्दीकी पर दिल्ली में 45 करोड़ रुपये की जमीन को धोखाधड़ी से अधिग्रहण करने का आरोप है. (Al Falah University)ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएलएमए) के प्रावधानों के तहत उनको अरेस्ट किया है.
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि जवाद अहमद सिद्दीकी ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर गांव में खसरा संख्या 792 की 1.14 एकड़ जमीन को अवैध रूप से खरीदा था. दस्तावेजों में इस जमीन की बिक्री कीमत 75 लाख रुपये दिखाई गई, जबकि असल में इस जमीन की कीमत 45 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ED का कहना है कि सिद्दीकी ने इस जमीन को हासिल करने के लिए नकली डॉक्यूमेंट्स बनवाए थे. जवाद सिद्दीकी को 24 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. जहां से उन्हें 4 अप्रैल तक पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के कस्टडी में भेज दिया है.
जवाद अहमद सिद्दीकी अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के अलावा तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर भी हैं. बताया जा रहा है कि इसी फाउंडेशन के नाम पर यह जमीन रजिस्टर्ड है. जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए General Power of Attorney (GPA) किया गया था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जीपीए में जिन लोगों ने हस्ताक्षर किए और अंगूठे लगाए, उनमें से कई की 1998 से पहले ही मौत हो चुकी है.
ED पहले भी कर चुकी है गिरफ्तार
इससे पहले ईडी नवंबर 2025 में जवाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था.उस दौरान उनके ऊपर शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को मान्यता और एक्रेडिटेशन को लेकर गुमराह करने का आरोप लगा था. बता दें कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद से अल-फलाह यूनवर्सिटी सुर्खियों में है. क्योंकि NIA ने इस धमाके की साजिश में शामिल फरीदाबाद से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था, जो इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था.


































































