
WASHINGTON : 2026 के अमरीकी मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections) में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमरीकी संसद के दोनों सदनों-प्रतिनिधि सभा और सीनेट-पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। राष्ट्रपति के रूप में वापसी करने वाले डोनाल्ड ट्रंप के लिए इस चुनावी हार को उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
डेमोक्रेट्स की यह जीत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि इसे ट्रंप सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के जनादेश के रूप में देखा जा रहा है। टेक्सास, आयोवा और नॉर्थ कैरोलिना जैसे मजबूत रिपब्लिकन गढ़ों में भी मतदाताओं ने डेमोक्रेट्स का समर्थन किया है। देश में बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन के बढ़ते खर्च और ईरान युद्ध की अनिश्चितताओं से पनपे जन-असंतोष को इस हार का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
अमेरिकी राजनीति के गलियारों में अब ट्रंप के लिए ‘लेम डक राष्ट्रपति’ शब्द का इस्तेमाल होने लगा है। हालांकि संवैधानिक पद पर बने रहने के कारण उनकी कार्यकारी शक्तियां और ‘वीटो’ का अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं।
असल बदलाव वॉशिंगटन के शक्ति-संतुलन में आया है। जनवरी 2027 से दोनों सदनों का नियंत्रण हाथ में आने के बाद डेमोक्रेट्स ट्रंप के विधायी एजेंडे, बजट प्रस्तावों और नीतियों पर रोक लगाने के साथ-साथ उनके निर्णयों की संसदीय जांच शुरू करने में सक्षम होंगे।





































































