Rajasthan Organ Donation: जयपुर। अंगदान के क्षेत्र में जन-जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का एक नया इतिहास रचते हुए राजस्थान ने अंगदान शपथ अभियान में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों तथा (Rajasthan Organ Donation)आमजन की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है।
राजस्थान में अंगदान के प्रति जनजागरण को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए राजस्थान अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्था (SOTTO Rajasthan) एवं चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव तथा प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में राज्यव्यापी अभियान चलाया। अभियान के अंतर्गत लोगों को अंगदान के महत्व, आवश्यकता और इससे मिलने वाले जीवनदान के संदेश से अवगत कराया गया तथा बड़ी संख्या में नागरिकों को अंगदान की शपथ दिलाई गई।
इस अभियान में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर सहित राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल एवं फार्मेसी संस्थानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके साथ ही सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न शासकीय विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं ने अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक अंगदान शपथ लेकर यह संदेश दिया कि मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद को नया जीवन दिया जा सकता है। इस व्यापक जनभागीदारी के परिणामस्वरूप राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
राजस्थान अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्था (SOTTO Rajasthan) ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राज्य सरकार, सभी विभागों, चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी एवं गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया तथा अभियान में सहभागी प्रत्येक नागरिक का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है।
SOTTO Rajasthan ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भविष्य में भी इसी प्रकार जनसहभागिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके।






































































