राजस्थान ने रचा इतिहास! देश का पहला रेयर अर्थ एलिमेंट एक्सप्लोरेशन लाइसेंस जारी, बदल सकती है खनन की तस्वीर

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Bhajanlal Sharma

Bhajanlal Sharma: जयपुर। राजस्थान ने खनिज क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में नया इतिहास रच दिया है। राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने रेयर अर्थ एलिमेंट (REE) और इससे जुड़े खनिजों की खोज के लिए देश का पहला एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (अन्वेषण अनुज्ञापत्र) जारी किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हुई इस पहल को भारत के (Bhajanlal Sharma)रणनीतिक खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह खोज इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

बालोतरा-जोधपुर क्षेत्र में होगी रेयर अर्थ एलिमेंट की खोज

देश के पहले REE एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के तहत राजस्थान के बालोतरा और जोधपुर जिले के नवातला-देवीगढ़ क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से खनिजों की खोज की जाएगी। यह क्षेत्र करीब 207.63 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां लैंथेनम, सीरियम, प्रजोडायमियम और नियोडायमियम जैसे महत्वपूर्ण रेयर अर्थ एलिमेंट मिलने के संकेत मिले हैं।

केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की खोज को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2024 में प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के लिए नीलामी की शुरुआत हुई। पहले चरण की नीलामी में राजस्थान के इस ब्लॉक को सफलतापूर्वक चिन्हित किया गया।

CM के मार्गदर्शन में माइनिंग सेक्टर में बड़ी उपलब्धि

राजस्थान सरकार ने मैसर्स सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) के साथ एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की संविदा पूरी की है। खान विभाग के अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अनुबंध निष्पादित किया गया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव खान अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां नीलाम किए गए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉक का सफलतापूर्वक निष्पादन हुआ है।

रेयर अर्थ एलिमेंट आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। इनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी, रक्षा उपकरणों, अंतरिक्ष तकनीक, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में होता है।

इस परियोजना से राजस्थान में वैज्ञानिक खनिज अन्वेषण को बढ़ावा मिलेगा, निजी निवेश के नए अवसर खुलेंगे और भारत की क्रिटिकल मिनरल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार इसे पारदर्शी और आधुनिक खनिज प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है।

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