महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा नाबालिग निकली! POCSO में FIR, कैसे हुआ खुलासा?

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Mahakumbh viral girl

Mahakumbh viral girl: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से जुड़े चर्चित “वायरल गर्ल मोनालिसा” विवाह मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है. राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की जांच रिपोर्ट ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है. जांच में सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग है,(Mahakumbh viral girl) जिससे पूरा मामला और अधिक गंभीर हो गया है.

मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर

राष्ट्रीय जनजातीय आयोग द्वारा गठित टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है. इस जांच की शुरुआत गौतम बुद्ध नगर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रथम दुबे की शिकायत के बाद हुई थी, जिसे आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के समक्ष रखा गया था. इसके बाद 17 मार्च को एक विशेष टीम बनाई गई थी.

रिपोर्ट के अनुसार, महेश्वर के एक सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में मोनालिसा की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है. इस आधार पर उसे नाबालिग माना गया है. जांच टीम ने मात्र तीन दिनों के भीतर पूरी पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंप दी.

फरहान खान के खिलाफ अपहरण

इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले की शिकायत पर 25 मार्च को महेश्वर थाने में फरहान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है. इस एफआईआर के बाद पुलिस ने मामले की जांच और तेज कर दी है.

मोनालिसा की शादी के बाद उसके परिवार ने सबसे पहले उसकी उम्र को लेकर सवाल उठाए थे. परिवार का कहना था कि वह नाबालिग है और शादी अवैध है. इस आरोप के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया.

मोनालिसा की उम्र पर संदेह जताया

फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मोनालिसा की उम्र पर संदेह जताया था और जांच की मांग की थी. उन्होंने जांच रिपोर्ट आने के बाद वीडियो जारी कर आयोग का आभार भी व्यक्त किया.

इस केस को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. कुछ संगठनों और लोगों ने इसे “लव जिहाद” का मामला बताया है. वहीं, महेश्वर के विधायक राजकुमार मेव और भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी में हैं.

आयोग की कार्रवाई और जांच का दायरा

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया था और नोटिस जारी किया था. विशेष रूप से मोनालिसा की उम्र की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए थे.

इस जांच की जिम्मेदारी खरगोन जिले के पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई थी, जिन्होंने विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट तैयार की. अब पुलिस इस मामले के पीछे संभावित बड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है. महेश्वर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं शादी के लिए फर्जी दस्तावेज तो तैयार नहीं किए गए थे.

इसके साथ ही, इस केस में कथित तौर पर सक्रिय किसी संगठित सिंडिकेट की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. जांच का दायरा बढ़ाते हुए केरल पुलिस और कुछ स्थानीय राजनीतिक कड़ियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है.

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