Rajasthan ACB: जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर के हाथोज क्षेत्र में जमीन के नामांतरण के बदले 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाले फरार पटवारी नरेंद्र मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब 10 महीने से फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर जांच एजेंसियों से बचता रहा। (Rajasthan ACB)डीआईजी एसीबी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में डीएसपी विजय सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
50 लाख की रिश्वत, 30 लाख में हुआ सौदा
मामला सितंबर 2025 का है, जब कालवाड़ रोड स्थित हाथोज क्षेत्र में 10 बीघा जमीन के नामांतरण के लिए तत्कालीन पटवारी नरेंद्र मीणा ने परिवादी से 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ। परिवादी ने इसकी शिकायत ACB से की, जिसके बाद जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए और ट्रैप की योजना बनाई गई।
ट्रैप के दौरान पटवारी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए अपने दलाल विकास शर्मा को भेजा। ACB ने उसे 5 लाख रुपये नकद और 25 लाख रुपये के डमी नोटों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी नरेंद्र मीणा फरार हो गया और करीब 10 महीने तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
डिजिटल फुटप्रिंट मिटाकर छिपा रहा
फरारी के दौरान आरोपी ने मोबाइल फोन, UPI, PayTM और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया। उसने अपने परिवार और परिचितों से भी संपर्क तोड़ लिया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना ACB के लिए चुनौती बन गया।
डिजिटल सुराग नहीं मिलने पर ACB ने मुखबिर तंत्र और पारंपरिक पुलिसिंग का सहारा लिया। आरोपी के पुराने ठिकानों और संपर्कों पर नजर रखी गई। पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
ACB अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि फरारी के दौरान उसकी मदद किसने की और भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।



































































