Shravan 2026: बस्सी (जयपुर)। श्रावण मास की पावन बेला में बस्सी शिवभक्ति के रंग में रंग गई। वैदिक मंत्रोच्चार, ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच आयोजित भव्य पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं महारुद्राभिषेक ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। (Shravan 2026)51 यजमान जोड़ों ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन कर परिवार, समाज और विश्व कल्याण की मंगलकामना की।
वैदिक परंपरा का दिव्य संगम
आयोजन आचार्य पं. गजानंद शर्मा के आचार्यत्व में संपन्न हुआ, जबकि छोटी काशी बूंदी से पधारे अक्षय शास्त्री ने ब्रह्मा के रूप में वैदिक अनुष्ठान का संचालन किया। 21 विद्वान ब्राह्मणों ने सामूहिक रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण भगवान शिव का 108 प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियों से किया गया महारुद्राभिषेक रहा। श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि, आरोग्यता और जनकल्याण की कामना के साथ पूजा-अर्चना की।
अनुष्ठान के समापन पर भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार और महाआरती हुई। ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा बस्सी गूंज उठा। 21 विद्वान ब्राह्मणों, 51 यजमान जोड़ों और 108 जड़ी-बूटियों की विशेषता ने इस आयोजन को श्रावण मास के यादगार धार्मिक आयोजनों में शामिल कर दिया।





































































