CM Convoy Accident:जयपुर। मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसी रेशु गुप्ता की उम्मीदें अब भी सरकारी फाइलों में अटकी हुई हैं। हादसे के 45 दिन बाद भी इलाज, मुआवजे और रोजगार को लेकर किए गए दावों का धरातल पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।।(CM Convoy Accident) रेशु का आरोप है कि मदद के बड़े-बड़े वादे केवल सुर्खियों तक सीमित रहे, जबकि आज तक किसी अधिकारी ने उनसे औपचारिक संपर्क कर ठोस सहायता नहीं दी।
वादे हुए, लेकिन मदद नहीं पहुंची
रेशु गुप्ता का कहना है कि मीडिया में सरकार द्वारा इलाज का पूरा खर्च उठाने और डेयरी बूथ उपलब्ध कराने जैसी खबरें चलीं, लेकिन न तो उनसे कोई आवेदन मांगा गया और न ही किसी विभाग ने प्रक्रिया शुरू की। उनका कहना है कि अब तक केवल आश्वासन मिले हैं, वास्तविक सहायता नहीं।
रेशु ने बताया कि वह एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं और पहले ही पिता का साया खो चुकी हैं। हादसे में उनका हाथ और शरीर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया, जिससे आज भी लगातार दर्द और इलाज की जरूरत बनी हुई है। उनका कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अब भविष्य और रोजगार की चिंता भी बढ़ गई है।
45 दिन में कई दफ्तरों के चक्कर
19 जून को हुए हादसे के बाद रेशु ने नगर निगम आयुक्त, मुख्यमंत्री निवास, महिला आयोग, जिला कलक्टर कार्यालय और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलने का प्रयास किया। उनका कहना है कि कई जगह केवल आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस राहत या सरकारी सहायता उन्हें नहीं मिल सकी।




































































