Rajasthan Politics: जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में सामने आ रही नाराजगी और आपसी खींचतान को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की(Rajasthan Politics) चिंता करने के बजाय पहले अपने घर में मचे घमासान का जवाब देना चाहिए। उन्होंने भाजपा में टिकट वितरण के बाद नाराजगी और डैमेज कंट्रोल की चर्चाओं को भी पूरी तरह खारिज किया।
‘डैमेज हुआ ही नहीं तो कंट्रोल कैसा?’
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा में कहीं कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा, “डैमेज हुआ ही नहीं तो कंट्रोल कैसा? हमारे यहां योग्य लोगों की कोई कमी नहीं है।” राठौड़ के मुताबिक जिन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिला है, वे भी पार्टी की विचारधारा और संगठन के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा व्यक्ति आधारित नहीं, बल्कि विचार और संगठन आधारित पार्टी है। पार्टी में पद से बड़ा संगठन और संगठन से बड़ा राष्ट्र है। टिकट की उम्मीद रखने वाले कार्यकर्ता भी आने वाले समय में संगठन की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
महिला कार्यकर्ता के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा
जयपुर में पार्षद का टिकट नहीं मिलने के बाद युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर भी राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि एक महिला कार्यकर्ता को टिकट के लिए अपने राजनीतिक योगदान और विधायक के लिए किए गए व्यक्तिगत प्रयासों का हवाला देना पड़े, तो यह कांग्रेस के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल खड़े करता है।
राठौड़ ने कांग्रेस से पूछा कि पार्टी में टिकट का आधार कार्यकर्ता की योग्यता, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण है या फिर व्यक्तिगत समीकरण और राजनीतिक एहसान।
बीकानेर की घटना का भी किया जिक्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बीकानेर में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई कथित मारपीट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी को उजागर करता है।
राठौड़ ने दावा किया कि निकाय चुनाव में भाजपा की संगठनात्मक ताकत और जनता के विश्वास की जीत होगी। उन्होंने कहा कि जनता अब आरोप-प्रत्यारोप और अंतर्कलह नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और मजबूत नेतृत्व चाहती है। भाजपा इसी भरोसे के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है।





































































