मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग! ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, बहरीन-कुवैत में हाई अलर्ट

13
Middle East Conflict

Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में पिछले 7 अप्रैल से चली आ रही खामोशी आखिरकार टूट गई है. ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर सीधा सैन्य टकराव शुरू हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र का आसमान मिसाइलों और ड्रोनों की गूंज से थर्रा उठा है. इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद खाड़ी देशों में युद्ध का (Middle East Conflict)खतरा बेहद गंभीर हो गया है. तनाव की शुरुआत ईरान के केश्म (Qeshm) द्वीप समूह पर हुए धमाकों से हुई.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड

ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक, केश्म द्वीप के दक्षिणी तट के पास स्थित मसान गांव के निकट तेज विस्फोट दर्ज किए गए. बाद में अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने आत्मरक्षा में ईरान के इस द्वीप पर बने एक सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि क्षेत्रीय नागरिकों और समुद्री जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.

कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि लोगों ने जो धमाकों की आवाजें सुनी थीं, वे असल में हवाई रक्षा इकाइयों द्वारा दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नष्ट किए जाने की वजह से हुई थीं. सेना ने साफ किया कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम इस समय पूरी तरह सक्रिय है और दुश्मन के हर हमले का कड़ा मुकाबला कर रहा है.

बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों

अमेरिका के इस एक्शन के जवाब में ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक साथ मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए. ईरान ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब “हिट एंड रन का दौर समाप्त” हो चुका है और किसी भी हमले का नियमों और सीमाओं से परे जाकर भयानक जवाब दिया जाएगा. इसके साथ ही ईरानी वायु सेना ने इराकी कुर्दिस्तान के एर्बिल (Erbil) में अमेरिकी समर्थक कुर्द लड़ाकों के ठिकानों पर भी हवाई हमले किए.

 ईरान द्वारा दागी गईं कई बैलिस्टिक मिसाइलों

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 2 जून की रात हुए इन हमलों पर आधिकारिक बयान जारी किया है. CENTCOM के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान द्वारा दागी गईं कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया. अमेरिकी सेना ने बताया कि कुवैत की तरफ दागी गई दो ईरानी मिसाइलें अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाईं और रास्ते में ही गिर गईं, जबकि बहरीन की ओर भेजी गईं तीन मिसाइलों को इंटरसेप्ट (नष्ट) कर दिया गया. इसके अलावा, कमर्शियल जहाजों की तरफ बढ़ रहे तीन ड्रोनों को भी नाकाम किया गया है.

 होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी

ईरान ने इस पूरी जंग के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. IRGC का दावा है कि अमेरिका ने केश्म द्वीप पर उनके एक संचार टॉवर को निशाना बनाया, जिसके बदले में उन्होंने अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय और एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर हमला किया. ईरान ने यह भी कहा कि इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक ईरानी टैंकर पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरानी नौसेना के पोत ने ‘पानाया’ (Panaya) नामक जहाज को निशाना बनाया था. ईरान ने धमकी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के अमेरिकी दखल के अंजाम बेहद भयंकर होंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here