कांग्रेस का गणित फेल, NDA का दांव सफल! झारखंड राज्यसभा नतीजे ने बदल दी सियासी चर्चा

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Rajya Sabha Election

Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा के लिए हुए चुनावों में बड़ा उलटफेर करते हुए एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की है. दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. इन चुनावों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और(Rajya Sabha Election) निर्दलीय परिमल नाथवानी को सफलता मिली है जबकि, कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा चुनाव हार गए हैं.

मैं बहुत आभारी हूं

परिमल नाथवानी ने एक्स पर अपनी जीत के बारे में खुद बताया. उन्होंने लिखा, राज्यसभा सदस्य के तौर पर चौथे कार्यकाल के लिए सेवा करने का अवसर मिलने पर मैं बहुत आभारी हूं. यह पल मेरे लिए बहुत भावुक करने वाला है क्योंकि यह झारखंड से मेरा तीसरा कार्यकाल होगा. यही वह धरती है जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी. अपनी कर्मभूमि में एक बार फिर लौटना मेरे लिए बहुत गर्व और विनम्रता का विषय है.

परिमल नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भाजपा के नेतृत्व वाले NDA का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नए संकल्प और ईमानदारी के साथ, झारखंड और यहां के लोगों के हितों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा.

भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को 30 वोट

विधानसभा परिसर में हुए मतदान में झारखंड के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतगणना के अनुसार, झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 31 वोट मिले. भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को 30 वोट मिले. कांग्रेस के प्रणव झा को 20 वोट मिले. हालांकि, वोटों की गिनती के दौरान परिमल नाथवानी को मिले 30 वोटों में 2 को और प्रणव झा को मिला एक वोट कैंसिल घोषित किया गया. बता दें कि झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम की जीत पहले से ही पक्की थी. मुख्य मुकाबला परिमल नाथवानी और प्रणव झा के बीच ही था.

झारखंड में भाजपा और उसके सहयोगियों के पास केवल 24 विधायक थे जबकि, जीत के लिए 28 विधायकों के वोट की जरूरत थी. परिमल नाथवानी को 6 वोट दूसरे खेमे के मिले. ये साफ है कि INDIA ब्लॉक के कुछ विधायकों ने क्रास वोटिंग की है. परिमल नाथवानी की जीत पर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि नाथवानी को 28 मत मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य के विधायकों ने राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए सोच-समझकर निर्णय लिया है.

मरांडी ने कहा कि परिमल नाथवानी लगातार दो कार्यकाल से झारखंड के राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. इस दौरान वे राज्य के विकास तथा जनहित के मुद्दों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड और यहां के लोगों से नाथवानी का गहरा जुड़ाव रहा है. उन्हें दोबारा सेवा का अवसर मिलने से राज्य को लाभ मिलेगा.

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