ईरान को भारत की चेतावनी! होर्मुज में जहाज पर फायरिंग के बाद राजदूत तलब

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India warning Iran news

India warning Iran news: होर्मुज जलमार्ग में भारतीय झंडे वाले जहाज पर फायरिंग के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने ईरान के राजदूत को तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है। (India warning Iran news)इस घटना ने क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। जानिए क्या हुआ..

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यूनिट्स

सरकारी सूत्रों के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक भारतीय-झंडे वाले जहाज को अचानक फायरिंग का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसे अपना रास्ता बदलना पड़ा। राहत की बात यह है कि इस घटना में जहाज के क्रू को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि जहाज को तुरंत दिशा बदलनी पड़ी। शुरुआती जानकारी में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यूनिट्स की भूमिका सामने आ रही है, जिससे सवाल उठ रहा है कि आखिर नागरिक जहाजों पर इस तरह की कार्रवाई किस आधार पर की गई।

ईरान के राजदूत को किया तलब 

इस घटना के तुरंत बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया और अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर की। विदेश मंत्रालय ने साफ संकेत दिया है कि इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं और भारत इस मामले में पूरी स्पष्टता चाहता है। सरकार का यह कदम दर्शाता है कि भारत अब समुद्री सुरक्षा और अपने नागरिक हितों के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

केवल एक जहाज ही सुरक्षित

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास पहुंचे कई भारतीय या भारत से जुड़े जहाज इस तनाव का शिकार हुए। जानकारी के मुताबिक कुल आठ जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बढ़ते खतरे के कारण उनमें से सात को वापस लौटना पड़ा। केवल एक जहाज ही सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सका, जो इस पूरे इलाके में मौजूद जोखिम को साफ दिखाता है।

दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। यही वजह है कि यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। अगर इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका असर तेल की कीमतों से लेकर आम लोगों की जेब तक महसूस किया जा सकता है।

वैश्विक चिंता का विषय बन

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा टकराव एक बड़ा कारण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच समुद्री मार्गों पर नियंत्रण को लेकर बढ़ती खींचतान के चलते हालात और जटिल होते जा रहे हैं। हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियों में तेजी और जहाजों को रोके जाने की घटनाओं ने इस संकट को और गहरा कर दिया है, जिससे यह सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।

हर गतिविधि को मॉनिटर कर

भारत सरकार ने साफ किया है कि वह इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित एजेंसियां, खासकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग, हर गतिविधि को मॉनिटर कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी भारतीय जहाज या क्रू की सुरक्षा से समझौता न हो।

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