पुराना फोन खरीद रहे हैं? पहले KYM से करें वेरिफिकेशन, वरना फंस सकते हैं बड़े झमेले में

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Hindi Tech News: जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को मोबाइल खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि नया या पुराना (सेकेंड हैंड) मोबाइल खरीदने से पहले उसकी वैधता, चोरी अथवा ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इसके लिए (Hindi Tech News)केंद्रीय दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित सीईआईआर पोर्टल की केवाईएम (Know Your Mobile) सेवा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि कई बार लोग बिना सत्यापन के सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद लेते हैं, जो बाद में चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन पाया जाता है। ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं।

KYM सेवा से क्या जानकारी मिलेगी

केवाईएम सेवा के माध्यम से मोबाइल खरीदने से पहले निम्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं—
– डिवाइस विवरण: मोबाइल का ब्रांड और मॉडल वही है या नहीं, जो विक्रेता बता रहा है।
– वैधता की जांच: मोबाइल असली है या क्लोन (नकली)।
– ब्लैकलिस्ट स्टेटस: मोबाइल चोरी, गुमशुदा या ब्लॉक तो नहीं है।

ऐसे करें मोबाइल का सत्यापन

मोबाइल का आईएमईआई नंबर जानने के लिए अपने फोन से *#06# डायल करें। इसके बाद निम्न में से किसी भी माध्यम से सत्यापन किया जा सकता है-

1. एसएमएस के माध्यम से

मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें: KYM <स्पेस> IMEI नंबर और इसे 14422 पर भेज दें। कुछ ही क्षणों में मोबाइल का स्टेटस एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो जाएगा।
2. KYM मोबाइल ऐप के माध्यम से

गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से “KYM – Know Your Mobile” ऐप डाउनलोड करें। ऐप में IMEI नंबर दर्ज करें अथवा मोबाइल बॉक्स पर मौजूद बारकोड को स्कैन कर जानकारी प्राप्त करें।
3. CEIR पोर्टल के माध्यम से

सीईआईआर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर IMEI Verification विकल्प में मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसका स्टेटस जांचा जा सकता है।

मोबाइल खरीदते समय बरतें ये सावधानियां

राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि कोई भी सेकेंड हैंड या अनवेरिफाइड मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर KYM सेवा के माध्यम से अवश्य जांचें। यदि मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें, क्योंकि वह मोबाइल चोरी, गुमशुदा अथवा अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध होता है अथवा साइबर ठग धोखाधड़ी का प्रयास करते हैं तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.ceir.gov.in या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। इसके अतिरिक्त साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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