IMD Red Alert: दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है. भीषण गर्मी और उमस झेल रहे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में गुरुवार सुबह तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई. इस बारिश से जहां तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान और तेज बारिश को लेकर ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है. अगले 24 से 48 घंटों में दिल्ली, नोएडा, (IMD Red Alert)गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई हिस्सों में मध्यम से अत्यधिक भारी बारिश होने की सटीक भविष्यवाणी की गई है. जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है.
आसमान में बादल छाए रहने
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ आसमान में बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (आंधी) चलने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है.
UP की तरफ से तेजी से बढ़ रहा मानसून
भले ही मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दिल्ली में दस्तक नहीं दी है, लेकिन यह उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को कवर करते हुए देश की राजधानी के बेहद करीब पहुंच चुका है. इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं और दिल्ली-एनसीआर में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण बारिश का यह दौर जारी है.
इससे पहले मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत देने का काम शुरू कर दिया था. बुधवार को अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई. मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री, रिज क्षेत्र में 41.5 डिग्री और आयानगर में 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिससे अब लोगों को बड़ी राहत मिली है. सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों के लिए यह मौसम बेहद सुहाना हो गया है.
किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा?
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून और स्थानीय चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर के वायुमंडल में अचानक भारी नमी दर्ज की गई है. सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि घने बादलों का पैच इस समय दिल्ली के ऊपर केंद्रित है.
मध्य और दक्षिण दिल्ली: कनॉट प्लेस, साकेत, महरौली और आरके पुरम में जलभराव का हाई रिस्क है.
गाजियाबाद और नोएडा (पश्चिम): हिंडन नदी के कैचमेंट एरिया और एक्सप्रेसवे के निचले इलाकों में अलर्ट.
गुरुग्राम: गोल्फ कोर्स रोड और सोहना रोड के अंडरपास में पानी भरने की अत्यधिक संभावना.
आमतौर पर मानसून के इस चरण में दिल्ली में पीक इंटेंसिटी की बारिश 30-50 मिमी प्रति घंटा दर्ज की जाती है. लेकिन इस बार, आईएमडी के रडार डेटा के मुताबिक, बादलों का घनत्व इतना अधिक है कि कुछ संवेदनशील पॉकेट्स में 70 मिमी प्रति घंटा की दर से शॉर्ट-स्पेल हो सकती है, जो शहरी बाढ़ का कारण बनती है.
































































