जयपुर। राजस्थान सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अजमेर पुलिस और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बच्ची की खरीद-फरोख्त के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ राज्य सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में महिला और बाल अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे अपराधियों को केवल गिरफ्तार कर जेल भेजना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर पुलिस और प्रशासन का संयुक्त अभियान
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में दरगाह थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रकरण संख्या 104/2026 के आरोपियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद उनके ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मणराम, थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह सहित नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
दो महिला आरोपियों पर कार्रवाई
इस मामले में मुख्य आरोपी अफसाना उर्फ बिजली और आफरीन उर्फ नूरजहां के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 के तहत उनकी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की जांच की। संबंधित विभागों के समन्वय से अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने और संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।






































































