राजस्थान की राजनीति का नया पावर कॉरिडोर! मानसरोवर में आमने-सामने होंगे BJP-कांग्रेस दफ्तर

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Rajasthan  News: राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आकार लेने जा रहा है। जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में जल्द ही प्रदेश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों—भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस—के प्रदेश मुख्यालय एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आएंगे। राज्य सरकार के नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (UDH) ने कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों के आधार पर बीजेपी को जयपुर और जोधपुर में नए कार्यालय निर्माण के लिए रियायती दर पर जमीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद मानसरोवर के वीटी रोड पर बीजेपी के नए प्रदेश मुख्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। (Rajasthan  News)खास बात यह है कि इसी क्षेत्र के शिप्रा पथ पर कांग्रेस का नया प्रदेश मुख्यालय पहले से निर्माणाधीन है, जिससे दोनों दलों के आधुनिक कार्यालय महज 400 से 500 मीटर की दूरी पर आमने-सामने राजनीतिक गतिविधियों के नए केंद्र बनेंगे।

भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश मुख्यालय पिछले करीब 36 सालों से सी-स्कीम स्थित 51, सरदार पटेल मार्ग से संचालित हो रहा है। लगातार बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और आधुनिक जरूरतों को देखते हुए नए परिसर की तलाश की जा रही थी।

बीजेपी के नए प्रदेश कार्यालय

सरकार ने जयपुर के वीटी रोड (मानसरोवर) पर 6,000 वर्गमीटर का विशाल भू-खंड बीजेपी के नए प्रदेश कार्यालय के लिए स्वीकृत किया है। जयपुर के अलावा जोधपुर में भाजपा के जिला कार्यालय के निर्माण के लिए 3,000 वर्गमीटर जमीन आवंटन को भी हरी झंडी दी गई है।

जयपुर में जिस भू-खंड का चयन किया गया है, उसका भू-उपयोग पहले व्यावसायिक था। नियमों के अनुसार राजनीतिक दलों को केवल संस्थानिक श्रेणी की जमीन ही दी जा सकती है, इसलिए पहले इसका लैंड-यूज़ बदलकर संस्थानिक किया गया।

30 प्रतिशत संस्थानिक दर पर हुआ आवंटन

जमीन आवंटन के वित्तीय गणित और नियमों को लेकर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्थिति स्पष्ट की है। राज्य सरकार के नियमानुसार दोनों प्रमुख शहरों में यह जमीन संस्थानिक दर के महज 30 प्रतिशत मूल्य पर आवंटित की जा रही है। मानसरोवर के इस प्रमुख क्षेत्र में संस्थानिक जमीन की सामान्य दर करीब 60 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर बताई जाती है।

नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि कैबिनेट सब कमेटी के निर्णय और राज्य के तय नियमों के तहत ही राजस्थान आवासन मंडल के जरिए यह स्वीकृति जारी की गई है।

राजस्थान की राजनीति का ‘पॉलिटिकल हब’

मानसरोवर इलाका आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति का सबसे मुख्य केंद्र बिंदु बनने जा रहा है।कांग्रेस का दफ्तर भी पास में: मानसरोवर के शिप्रा पथ पर कांग्रेस पार्टी को भी करीब 6,000 वर्गमीटर जमीन पहले ही आवंटित की जा चुकी है, जहां उनके नए प्रदेश मुख्यालय का निर्माण कार्य वर्तमान में तेजी से चल रहा है।दोनों दलों के बीच 500 मीटर की दूरी: बीजेपी के प्रस्तावित नए प्रदेश मुख्यालय और कांग्रेस के निर्माणाधीन कार्यालय के बीच महज 400 से 500 मीटर का फासला रहेगा।

प्रदर्शनों और हलचल का नया केंद्र: अब तक जयपुर का सी-स्कीम और खासा कोठी इलाका राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र हुआ करता था, लेकिन दोनों बड़े दफ्तरों के मानसरोवर शिफ्ट होने के बाद अब शहर के दक्षिणी हिस्से में राजनीतिक गतिविधियां सिमट जाएंगी।

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