भाई को फर्जी तरीके से नौकरी दिलाई, अब खुद फंसा राजस्थान भर्ती घोटाले में नया खुलासा।

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Fake Sports Certificate

Fake Sports Certificate: जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने की कोशिश कर रहे एक आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार किया है।(Fake Sports Certificate) हैरानी की बात यह है कि आरोपी पहले से ही अपने भाई को फर्जी तरीके से पीटीआई भर्ती में नौकरी दिलाने के मामले में जयपुर जेल में बंद था।

जेल से प्रोडक्शन वारंट पर किया गिरफ्तार

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि बाड़मेर निवासी भभूताराम को इस नए मामले में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने राष्ट्रीय स्तर का ताइक्वांडो खिलाड़ी होने का फर्जी प्रमाण-पत्र बनवाकर शिक्षक भर्ती में अतिरिक्त अंक लेने की कोशिश की थी।

1 लाख रुपए में हुआ था सौदा

पूछताछ में भभूताराम ने खुलासा किया कि उसने दलाल सतीश डूल के माध्यम से फर्जी नेशनल लेवल ताइक्वांडो सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 1 लाख रुपए में सौदा किया था। करीब तीन वर्ष पहले उसने 15 हजार रुपए टोकन राशि देकर यह प्रमाण-पत्र हासिल किया था। बाद में इसी दस्तावेज के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में लाभ लेने का प्रयास किया गया।

फर्जी ईमेल आईडी से किया गया सत्यापन

जांच में सामने आया कि जब शिक्षा विभाग ने खेल प्रमाण-पत्रों की जांच शुरू की तो गिरोह ने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर प्रमाण-पत्रों को असली साबित करने की कोशिश की। इसी ईमेल से बीकानेर शिक्षा निदेशालय को सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई, ताकि विभाग को भ्रमित किया जा सके।

भाई को भी फर्जी तरीके से दिलवाई थी नौकरी

एसओजी के अनुसार भभूताराम पहले भी बड़े भर्ती घोटाले में शामिल रहा है। उसने अपने छोटे भाई मुकेश कुमार को पीटीआई भर्ती-2022 में नौकरी दिलाने के लिए डमी अभ्यर्थी बैठाने की साजिश रची थी। आरोप है कि 10 लाख रुपए के सौदे के तहत पवन कुमार नामक व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई गई थी।

अब तक 28 आरोपी गिरफ्तार

एसओजी की कार्रवाई में अब तक इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें झारखंड से फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने वाला मास्टरमाइंड बिमलेन्दु झा, दलाल कमल सिंह और उनके कई सहयोगी शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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