Fake Degree Scam: RPSC हिंदी शिक्षक भर्ती में फर्जी डिग्री के जरिए चयन कराने के मामले में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फेक डिग्री जारी कराने में मेवाड यूनिविर्सिटी के पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक और उसके साथ शामिल सहयोगी को दबिश देकर पकड़ा गया है।(Fake Degree Scam)प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी शैक्षणिक डॉक्यूमेंट तैयार कर अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में लाभ पहुंचाया। एसओजी की ओर से दोनों आरोपियों से कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के नाम आरोपी अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32) पुत्र बाबूलाल निवासी चोटियों की ढाणी झंवर जोधपुर और सुशील शर्मा (43) पुत्र महेशचन्द्र शर्मा निवासी आदर्श नगर अलीगढ उत्तर प्रदेश है।
फेक डिग्री मामले में पहले भी दोनों आरोपी हो चुके गिरफ्तार
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- आरोपी सुशील शर्मा मेवाड यूनिवर्सिटी का पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक है। फेक डिग्री मामले में दोनों आरोपी पूर्व में भी अरेस्ट हो चुके है। एसओजी की ओर से दोनों आरोपियों का 25 जुलाई तक रिमांड हासिल कर पूछताछ की जा रही है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 करवाई गई थी। पात्रता जांच के दौरान कैंडिडेट कमला कुमारी की ओर से आयोग में मेवाड यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौडगढ़ से जारी एम.ए (हिन्दी) की डिग्री दी गई थी।
RPSC की ओर से सत्यापन से उक्त डिग्री मेवाड यूनिवसिर्टी की ओर से जारी नहीं होना पाया गया। कैंडिडेट कमला कुमारी की ओर से फेक डिग्री देने पर अजमेर के सिविल लाइन थाने में मार्च-2024 में प्रकरण दर्ज किया गया।
मेवाड यूनिवर्सिटी के डीन से मिली फर्जी डिग्री
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- एसओजी जांच में सामने आया कि मेवाड यूनिवर्सिटी गंगरार चितौडगढ़ के डीन कौशल किशोर चन्दुल से आरोपी ने संपर्क किया और फेक डिग्री प्राप्त की।
फेक डिग्री तैयार करवाकर दिलवाने में यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा ने मदद की थी। एसओजी ने जांच के दोनों आरोपी अशोक विश्नोई व सुशील शर्मा को अरेस्ट किया।





































































