TMC और शिवसेना (UBT) के बागियों पर गिरेगी गाज? मानसून सत्र से पहले ओम बिरला लेंगे अंतिम फैसला

3
Monsoon Session 2026

Monsoon Session 2026: नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एक अहम फैसला लेने की तैयारी में हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में बगावत करने वाले सांसदों की सदस्यता पर जल्द निर्णय हो सकता है।(Monsoon Session 2026) दोनों दलों ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपने बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। ऐसे में 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

अध्यक्ष ने शुरू की विचार-विमर्श की प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ने TMC के नेता अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल और पार्टी से अलग हुए ग्रुप से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी हैं। इसी प्रकार की प्रक्रिया शिवसेना (UBT) के मामले में भी अपनाई गई। सूत्रों के मुताबिक संसद के विधि एवं संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श जारी है। कानूनी रूप से ठोस निर्णय सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ दल इसी तरह के मामलों में पीठासीन अधिकारियों (स्पीकर्स) द्वारा पहले लिए गए फैसलों और पुरानी नजीर का भी बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।

इन सुझावों के आधार पर ही अध्यक्ष 20 जुलाई से पहले अपना अंतिम निर्णय सुनाएंगे।तृणमूल और शिवसेना (UBT) के बागी समूहों के अलावा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने भी कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है। कांग्रेस ने तमिलनाडु में दशकों पुराने गठबंधन को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री सी.जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) से हाथ मिला लिया है।

टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी छोड़ी

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल के टिकट पर कुल 29 सांसद निर्वाचित हुए थे। इनमें से 20 सांसदों ने पार्टी छोड़कर पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित पंजीकृत, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) का दामन थाम लिया और अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। बागी समूह ने मोदी सरकार के प्रति समर्थन जताते हुए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की इच्छा भी जताई है। तृणमूल के एक सांसद का कुछ समय पहले निधन हो गया था और वह सीट अभी रिक्त है।

शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल

शिवसेना (UBT) के मामले में पार्टी के टिकट पर निर्वाचित नौ सांसदों में से छह ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने घोषणा की है। तृणमूल और शिवसेना (UBT) दोनों ने लोकसभा स्पीकर के सामने दलील दी है कि उनके बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। दोनों दलों का कहना है कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से छूट तभी मिल सकती है, जब पार्टी के कुल सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्य एक साथ अलग हों।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here