CBI पूछताछ में टूटा ट्रांसलेटर! अब सामने आ रही है NEET स्कैम की असली कहानी

9
NEET Paper Leak

NEET Paper Leak: NEET महा-घोटाले (NEET-UG 2026) की जांच कर रही सीबीआई (CBI) के हाथ आज एक और बड़ी कामयाबी लगी है. ‘पेपर-सेटिंग कमेटी’ की गिरफ्तार सदस्य मनीषा मंढारे को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आरोपियों की चालाकी को देखते हुए सीबीआई (NEET Paper Leak)को पूरे 14 दिनों की कस्टडी सौंप दी है. कोर्ट रूम के भीतर सीबीआई ने जो दलीलें दीं, उन्होंने यह साफ कर दिया कि यह पेपर लीक कितना गहरा और सुनियोजित था.

CBI ने खोले चौंकाने वाले राज

सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा मंधारे कोई साधारण आरोपी नहीं है. वो बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) और जूलॉजी (जंतु विज्ञान) के प्रश्न पत्रों का अनुवाद (Translation) करने की एक्सपर्ट थी. इसी वजह से उसकी पहुंच सीधे असली प्रश्न पत्रों तक थी और इसी का फायदा उठाकर उसने इस पूरी ‘प्रणाली’ को धोखा दिया.

मनीषा मंढारे इस पूरे खेल में अकेले नहीं थीं. वे पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर एक गहरी साजिश के तहत काम कर रही थीं. जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि मनीषा मंढारे ने अपने पास मौजूद असली प्रश्न पत्र को शुभम नाम के एक अन्य आरोपी को सौंप दिया था, जिसने इसे आगे बांटा.

देशभर में फैले हैं तार

सीबीआई ने कोर्ट से 14 दिनों की भारी-भरकम कस्टडी मांगते हुए कहा कि इस वक्त पूरे देश में एक साथ छापेमारी और जांच चल रही है. चूंकि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है, इसलिए मनीषा मंढारे को जांच और सबूत जुटाने के सिलसिले में देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाना बेहद जरूरी है.

एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की

नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें 2 संयुक्त सचिव और 2 संयुक्त निदेशक शामिल हैं. यह तैनाती DoPT यानी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की है.

पहली अधिकारी हैं अनुजा बापट. ये 1998 बैच की ISS यानी भारतीय सांख्यिकीय सेवा की अधिकारी हैं. दूसरी अधिकारी हैं रुचिता विज. ये 2004 बैच की IRS यानी भारतीय राजस्व सेवा (C&IT) की अधिकारी हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here