झालावाड़ बोरवेल हादसा! कब बंद होंगे मौत के खुले कुएं? मासूम प्रहलाद की जिंदगी नहीं बच सकी

halawar Borewell Accident

halawar Borewell Accident: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पाडला गांव में 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे पांच साल के प्रहलाद को बचाया नहीं जा सका। रविवार दोपहर वह खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया था। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो करीब 12 घंटे तक चला। (halawar Borewell Accident)सोमवार सुबह करीब 4 बजे जब प्रहलाद को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बोरवेल में गिरने के बाद तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

रविवार दोपहर 2 बजे प्रहलाद खेलते-खेलते खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और झालावाड़ से SDRF की टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन रातभर चला, जिसमें बोरवेल में एक L-शेप का एंगल डालकर बच्चे को बाहर निकाला गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?

पांच साल का प्रहलाद अपने माता-पिता के साथ खेत पर गया था। माता-पिता खेती के काम में व्यस्त थे, जबकि प्रहलाद पास में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बोरवेल के पास पहुंचा और ऊपर रखा पत्थर हटने से सीधे अंदर गिर गया। वह करीब 30 फीट की गहराई पर फंसा था। कुछ देर तक उसकी रोने की आवाज सुनाई दी, लेकिन बाद में आवाज बंद हो गई।

बोरवेल हादसों से कब मिलेगा निजात?

प्रहलाद की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर खुले बोरवेल से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। आए दिन देशभर में इस तरह के हादसे सामने आते हैं, जहां खुले बोरवेल में गिरकर मासूम बच्चों की जान चली जाती है। प्रशासन और ग्रामीणों को इस मुद्दे पर सतर्कता बरतनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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