China Iran US formula: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद अब चीन ने इस मामले में दखल दिया है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात के दौरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए एक चार सूत्री रोडमैप पेश किया. (China Iran US formula)जिनपिंग ने अपने प्रस्ताव में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत को बनाए रखने और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने पर जोर दिया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों की दुहाई देते हुए कहा कि दुनिया को ‘जंगल राज’ की ओर बढ़ने से रोकना होगा और नियमों का इस्तेमाल केवल अपनी सुविधा के अनुसार नहीं किया जाना चाहिए.
इस शांति प्रस्ताव के चार प्रमुख…
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत को हर हाल में बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
सभी देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत का पूरी तरह पालन होना चाहिए.
विकास और सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय बिठाना जरूरी है.
अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित व्यवस्था की रक्षा करना अनिवार्य है.
चीन ने बार-बार इस युद्ध को अवैध
शी जिनपिंग के इस बयान को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के कड़े विरोध के रूप में देखा जा रहा है. चीन ने बार-बार इस युद्ध को अवैध बताया है लेकिन यह पहला मौका है जब जिनपिंग ने सार्वजनिक रूप से इतने सख्त लहजे में अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा की बात की है. अगले महीने बीजिंग में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली बड़ी बैठक से पहले यह प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है क्योंकि ईरान ने मार्च की शुरुआत से ही व्यापारिक जहाजों का रास्ता रोक दिया है जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है.


































































