CM Bhajanlal Sharma: आबूराज (सिरोही)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश गुलामी की मानसिकता और प्रतीकों से बाहर निकलकर आत्मविश्वास व स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ रहा है। राजस्थान सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आबूराज को पर्यटन, (CM Bhajanlal Sharma)आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को सिरोही जिले के आबूराज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने 74 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने धन्यवाद सभा और संत समागम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विरासत भी, विकास भी” के मूल मंत्र के अनुरूप राजस्थान आगे बढ़ रहा है।
आबूराज नाम पुनर्स्थापना को बताया सांस्कृतिक सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आबूराज का नाम पुनर्स्थापित करना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, विरासत और संत समाज की भावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ अपनी ऐतिहासिक पहचान को भी मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जिनसे औपनिवेशिक सोच और प्रतीकों से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’, राजभवन को ‘लोक भवन’ और केंद्रीय सचिवालय को ‘कर्तव्य भवन’ जैसे नाम देना भारतीय मूल्यों को दर्शाता है।
योग और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है, जिसे वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आबूराज में विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास की धारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। युवा, किसान, महिला, गरीब और हर वर्ग को सशक्त बनाकर ही राजस्थान तेजी से आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुंबाराम चौधरी, विधायक समाराम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आमजन मौजूद रहे।




































































