Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में टोंक से उठी चिंगारी अब बड़े सियासी संग्राम में बदलती नजर आ रही है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे के दौरान शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के शीर्ष नेताओं तक पहुंच गया है। मुद्दा दौरे का नहीं,(Rajasthan Politics) बल्कि बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल की सचिन पायलट पर की गई ‘बहरूपिया’ टिप्पणी का है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया।
इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मैदान में उतरे, फिर सचिन पायलट ने संयमित अंदाज में जवाब दिया और अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी मोर्चा संभालते हुए मानेसर कांड को लेकर गहलोत पर निशाना साध दिया है। ऐसे में मामला अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि 2028 की राजनीति की नई पोजिशनिंग के तौर पर देखा जा रहा है।
शेखावत ने गहलोत पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मानेसर कांड के असली रचनाकार अशोक गहलोत ही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस पूरे घटनाक्रम की पटकथा भी गहलोत ने ही लिखी थी। शेखावत ने कहा कि गहलोत खुद इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहते हैं और पार्टी नेताओं को भी इसे भूलने नहीं देना चाहते।
गहलोत ने किया पायलट का बचाव
राधामोहन दास अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं और वे कांग्रेस में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं से सबक मिल चुका है और अब पूरी पार्टी एकजुट है।
पायलट ने संयमित जवाब दिया
सचिन पायलट ने कहा कि वे राधामोहन दास अग्रवाल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, लेकिन जब मुलाकात होगी तो पूछेंगे कि वे इतना विशेष प्रेम क्यों रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में आलोचना होनी चाहिए, लेकिन एक मर्यादा और सम्मान के साथ।



































































