Illegal Liquor Network Exposed: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर आबकारी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। (Illegal Liquor Network Exposed)पुलिस ने जब ट्रक को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर ट्रक को पकड़ा। जांच में पता चला कि यह शराब चंडीगढ़ से गुजरात सप्लाई की जा रही थी। शराबबंदी वाले राज्य गुजरात में इसे पहुंचाने के लिए ट्रक को राजस्थान और फिर एमपी के रास्ते ले जाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माफियाओं की इस साजिश को नाकाम कर 32 लाख रुपये मूल्य की शराब जब्त कर ली।
इंदौर में दूसरे ड्राइवर को ट्रक सौंपने की थी योजना
माफिया पड़ोसी राज्यों में शराब सप्लाई के लिए अक्सर अलग-अलग रूट अपनाते हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस ट्रक में 432 कार्टन शराब थी, जिसे सीधे गुजरात ले जाने के बजाय पहले इंदौर पहुंचाने की योजना थी। ट्रक ड्राइवर को इंदौर जाकर इसे दूसरे ड्राइवर को सौंपना था। इसके बाद शराब गुजरात पहुंचाई जाती। जब यह ट्रक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गुजरा, तो शीतल मोड़ पर पुलिस ने रुकने का इशारा किया। ट्रक नहीं रुकने पर पुलिस ने 1 किमी तक पीछा कर उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
मुखबिर की सूचना पर हुआ बड़ा खुलासा
इस पूरे मामले में पुलिस को पहले ही मुखबिर से सूचना मिल चुकी थी। मुखबिर ने बताया था कि एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाले गुजरात के ट्रक में लोहे के कंटेनर में शराब के कार्टन भरे हुए हैं। लक्ष्मणगढ़ पुलिस ने ट्रक को एक्सप्रेसवे पर रोककर तलाशी ली, जिसमें तीन अलग-अलग ब्रांड की शराब बरामद हुई।
चालक और शराब के बारे में जानकारी
पकड़े गए ट्रक का चालक बाड़मेर निवासी खेमाराम था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में खेमाराम ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश के बदली से यह ट्रक लेकर निकला था। पुलिस अब खेमाराम का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
32 लाख की शराब जब्त
पुलिस ने इस ट्रक से करीब 32 लाख रुपये मूल्य की शराब जब्त की है। शराब को रखने के लिए जगह न होने के कारण इसे आबकारी थाना सूर्यनगर में सुरक्षित रखा गया है। इस कार्रवाई के लिए आबकारी आयुक्त के निर्देश पर लक्ष्मणगढ़ आबकारी पुलिस ने त्वरित कदम उठाया।



































































