पहले ED की कार्रवाई, अब CBI की एंट्री…अनिल अंबानी पर बढ़ती जांच ने कारोबार जगत में मचा दी हलचल

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ED action on Anil Ambani

 ED action on Anil Ambani: मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के 17 मंजिला मुंबई घर ‘अबोड’ को अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई कथित बैंक फ्रॉड और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के एक मामले के सिलसिले में की गई। अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अब दो एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें अनिल अंबानी, ( ED action on Anil Ambani) रिलायंस कम्युनिकेशंस और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

अपने 17 मंजिला पाली हिल घर ‘अबोड’ के अटैच होने के एक दिन बाद उद्योगपति अनिल अंबानी गुरुवार को दिल्ली स्थित ईडी के हेडक्वार्टर पहुंचे। वह पहले से तय तारीख पर पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्हें नई तारीख दी गई। उन्होंने वर्चुअली पेश होने की इजाजत मांगी, लेकिन एजेंसी ने इनकार कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक पाली हिल में लगभग 66 मीटर ऊंची इस प्रॉपर्टी की अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है।

सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है। अब तक इस मामले में करीब 15,700 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। जांच एजेंसी अनिल अंबानी को दिल्ली में पूछताछ के लिए फिर से बुला सकती है। इससे पहले उनसे अगस्त 2025 में PMLA के तहत पूछताछ की गई थी।

CBI ने क्यों दर्ज की FIR?

CBI ने यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की 24 फरवरी 2026 की शिकायत के आधार पर दर्ज की। सीबीआई का कहना है कि बैंक ऑफ बड़ौदा को करीब 2,220 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक से जो लोन लिया था, उसे सही काम में लगाने के बजाय उससे जुड़ी कंपनियों के साथ फर्जी लेन-देन दिखाकर पैसा कहीं और खर्च कर दिया गया। इतना ही नहीं, कंपनी की अकाउंट बुक्स में भी हेरफेर की गई, ताकि गड़बड़ियों को छिपाया जा सके।

2017 में एनपीए घोषित कर

इस लोन अकाउंट को 2017 में एनपीए घोषित कर दिया गया था। हालांकि अनिल अंबानी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की, जिसने बाद में अकाउंट को फ्रॉड घोषित करने पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने 23 फरवरी 2026 को रोक हटा दी। इसके तुरंत बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने शिकायत दर्ज की और सीबीआई ने केस दर्ज किया।

इससे पहले सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ केस दर्ज किया था। उस समय एसबीआई 11 बैंकों के ग्रुप में लीड बैंक था। हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा उस ग्रुप का हिस्सा नहीं था। यह नया केस अलग-अलग लोन से जुड़ा है, जो रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक से लिया था। विजया बैंक और देना बैंक बाद में बैंक ऑफ बड़ौदा में मर्ज हो गए।

अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने आरबीआई रेगुलेशंस के तहत RCOM और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया। बैंक का कुल एक्सपोजर 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इस मामले की रिपोर्ट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को कर दी गई है। इस बीच RCOM दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही है और मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में लंबित है। संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जानकारी दी थी कि एसबीआई ने अंबानी के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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