US Tariff Impact: अमेरिका की ट्रंप सरकार द्वारा हाल ही में अपनाई गई नई टैरिफ नीति ने दुनिया भर के बाजारों में हलचल मचा दी है। चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रमुख निर्यातक देशों पर बढ़े हुए टैरिफ के चलते अब भारत को वैश्विक व्यापार में नई संभावनाएं नजर आ रही हैं।(US Tariff Impact) और सबसे बड़ी बात… राजस्थान के सांगानेर जैसे क्षेत्र, जो पारंपरिक रूप से टेक्सटाइल और गारमेंट्स के लिए प्रसिद्ध हैं, अब नए व्यापारिक अवसरों के केंद्र बन सकते हैं।
सांगानेर में हर साल लगभग ₹3100 करोड़ का कारोबार होता है। इसमें से ₹1600 करोड़ का जॉब वर्क और ₹1500 करोड़ का डायरेक्ट एक्सपोर्ट होता है, जिनमें से 40% एक्सपोर्ट सिर्फ अमेरिका को जाता है। सांगानेरी प्रिंट्स, महिला परिधान, होम फर्निशिंग और कुशन कवर जैसे उत्पाद अमेरिका में पहले से ही लोकप्रिय हैं, लेकिन चीनी उत्पादों से मिल रही सख़्त प्रतिस्पर्धा अब कम हो सकती है। “चीन पर ज्यादा टैरिफ लगने के बाद अमेरिका में हमारी पकड़ और मजबूत हो सकती है,” राजेंद्र जीनगर, महासचिव कपड़ा रंगाई छपाई ऐसोसिएशन
मिडिल ईस्ट बन सकता है ‘गोल्डन’ विकल्प
जहां एक तरफ टेक्सटाइल को राहत मिलती दिख रही है, वहीं जयपुर की रत्न और आभूषण इंडस्ट्री के लिए यह टैरिफ कुछ कठिनाइयाँ लेकर आया है। अमेरिका द्वारा ज्वैलरी, कलर स्टोन और डायमंड पर लगाया गया अनुमानित 20% टैरिफ जयपुर के एक्सपोर्टर्स को सीधे प्रभावित कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच कोई द्विपक्षीय व्यापार समझौता हो सकता है जो इस तनाव को कम करेगा। साथ ही, कई निर्यातकों की नजर अब मिडिल ईस्ट की ओर है, जो इस समय भारत के गहनों के लिए एक उभरता हुआ और काफी संभावनाओं भरा बाजार बन सकता है। “टैरिफ की इस स्थिति में मिडिल ईस्ट हमारे लिए एक रणनीतिक और बेहतर विकल्प बन सकता है।” राजू मंगोडीवाला, उपाध्यक्ष, ज्वैलर्स एसोसिएश्न आफ जयपुर
टैरिफ के बाद गारमेंट इंडस्ट्री में ऑर्डर कैंसिलेशन की चिंता
राजस्थान की गारमेंट इंडस्ट्री में फिलहाल थोड़ी अशांति का माहौल है। अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद से कई ऑर्डर या तो कैंसिल हो चुके हैं या भारी डिस्काउंट की मांग की जा रही है। इसके चलते स्थानीय निर्यातकों के लिए चिंता बढ़ गई है। फिर भी, उम्मीद की किरण बाकी है। अमेरिका ने जहां भारत से आने वाले गारमेंट्स पर 26% टैरिफ लगाया है, वहीं चीन पर 34%, वियतनाम पर 46% और बांग्लादेश पर 37% टैरिफ लगाया है। ये सभी देश भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी थे, और अब भारत को अमेरिकी बाजार में उनसे बेहतर मौका मिल सकता है। “अगर सरकार IES और सब्सिडी स्कीम को फिर से सक्रिय करे, तो हम नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।“अमित सोमानी, महासचिव, गारमेंट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान