Mallikarjun Kharge: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर भारत के रुख और रूस की तरफ से होने वाली तेल सप्लाई पर अमेरिका के फैसले पर पीएम मोदी पर तीखा हमला किया है. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तानाशाह करार दिया है.(Mallikarjun Kharge) साथ ही पीएम मोदी पर उनके गुलाम की तरह काम करने का आरोप लगाया है.
खरगे कर्नाटक के चित्तपुर में 1069 करोड़ रुपए के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर ईरान से चल रहे संघर्ष के बीच भारत की स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी को वॉशिंगटन के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाया है.
क्या आप देश को गुलाम बनाने के लिए सत्ता में आए थे?
खरगे ने कहा कि ट्रंप एक तानाशाह हैं. मोदी उनके गुलाम हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिका की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि उसने भारतीय रिफाइनरियों को पहले से ही ट्रांजिट में मौजूद रूसी तेल खरीदने की अनुमति देते हुए 30 दिन की छूट दी थी. इस कदम से पता चलता है कि भारत एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करने की बजाय अमेरिकी दबाव में काम कर रहा है. क्या आप यह हुक्म मानेंगे? कांग्रेस पार्टी ने देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाई. क्या आप देश को गुलाम बनाने के लिए सत्ता में आए थे?
खरगे का यह बयान अमेरिकी अधिकारियों की उस बयान पर आया है, जिसमें अमेरिका ने भारत को पश्चिम एशिया में बने संकट के बीच रूस से 30 दिन तक तेल खरीदने की अनुमति देने की बात कही थी. हालांकि, इस बयान पर भारत सरकार ने ऐतराज जताया है. उन्होंने तुरंत इन आरोपों को खारिज कर दिया और कहा है कि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश से इजाजत की जरूरत नहीं पड़ी है. यह छूट सिर्फ सप्लाई में कुछ समय की रुकावट को दूर करती है.
अगर किसी देश का नेता मारा
खरगे ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भी अमेरिका की आलोचना की. साथ ही चेतावनी दी कि आजाद देशों के नेताओं को निशाना बनाने से दुनिया की शांति भंग हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश का नेता मारा जाता है. तो क्या वह देश और दुनिया सुरक्षित रहेगी? इसके बारे में सोचिए.
इसके अलावा खरगे ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. साथ ही खरगे ने कहा है कि पीएम मोदी की सरकार में भारत की विदेश नीति ने देश की ग्लोबल पहचान को कमजोर किया है. दुनिया भारत की इज्जत करती थी. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में गुट निरपेक्ष आंदोलन दुनिया में शांति के लिए खड़ा था.

































































