सीक्रेट ऑपरेशन के बाद बड़ा फैसला… ट्रंप का अगला कदम वैश्विक राजनीति की दिशा बदल सकता है

15
Donald Trump

Donald Trump: वॉशिंगटन/काराकस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बार फिर ऐसा ऐलान किया है, जिसने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित तेल सौंपने जा रही है। यह तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव पर बेचा जाएगा और इससे मिलने वाली पूरी रकम (Donald Trump) सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति के नियंत्रण में रहेगी।

तेल से कमाई, फैसला ट्रंप का

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि इस तेल बिक्री से होने वाली आय का इस्तेमाल वेनेजुएला और अमेरिका—दोनों देशों के लोगों के हित में किया जाएगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को निर्देश दिए हैं कि इस योजना को तुरंत लागू किया जाए। ट्रंप के अनुसार, यह तेल स्टोरेज जहाजों के जरिए सीधे अमेरिकी बंदरगाहों तक पहुंचाया जाएगा।

सीक्रेट ऑपरेशन के बाद बड़ा फैसला

इस ऐलान का समय भी बेहद अहम माना जा रहा है। बीते शनिवार अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में गुप्त ऑपरेशन चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क पहुंचाया। जानकारों का कहना है कि इसके बाद ही वेनेजुएला के तेल भंडार पर सीधी पकड़ बनाने का रास्ता साफ हुआ।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप द्वारा घोषित तेल की मात्रा वेनेजुएला के 30 से 50 दिनों के कुल उत्पादन के बराबर है, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी जा रही है।

अमेरिका पहले से तेल महाशक्ति

हालांकि अमेरिका खुद रोजाना करीब 1.38 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन करता है, लेकिन वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर नियंत्रण को ट्रंप की दीर्घकालिक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे न सिर्फ चीन और रूस जैसे देशों की पकड़ कमजोर होगी, बल्कि अमेरिका की ऊर्जा शक्ति और मजबूत होगी।

तेल कंपनियों के साथ व्हाइट हाउस में मंथन

इसी बीच व्हाइट हाउस में बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की तैयारी चल रही है। इसमें शेवरॉन, एक्सॉन और कोनोकोफिलिप्स जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। बैठक का मकसद वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों की भूमिका को और विस्तार देना बताया जा रहा है।

ग्रीनलैंड पर भी ट्रंप का आक्रामक संदेश

तेल के मुद्दे के साथ-साथ ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता है। आर्कटिक क्षेत्र में विरोधी ताकतों को रोकने के लिए ग्रीनलैंड बेहद अहम है और राष्ट्रपति इस लक्ष्य के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना का इस्तेमाल भी एक विकल्प हो सकता है। हालांकि यूरोप के कई देशों ने इस बयान पर नाराजगी जताई है और ग्रीनलैंड पर किसी भी अमेरिकी कब्जे को सिरे से खारिज किया है।

वैश्विक मंच पर नई ट्रंप रणनीति

वेनेजुएला के तेल पर पकड़ और ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य विकल्प की खुली बात यह संकेत देती है कि डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक मंच पर अमेरिका की ताकत को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश में जुटे हैं। आलोचना चाहे जितनी भी हो, ट्रंप का संदेश साफ है—ऊर्जा, सुरक्षा और रणनीतिक नियंत्रण में कोई समझौता नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here