Pratap Singh Khachariyawas: पूर्व परिवहन मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने ट्रांसपोर्ट विभाग के मौजूदा हालात पर सरकार की आलोचना की है। (Pratap Singh Khachariyawas) उन्होंने धौलपुर में दो परिवहन निरीक्षकों को रातभर पुलिस हिरासत में रखने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
पुलिस पर कार्रवाई का आरोप, निरीक्षकों की हड़ताल से नुकसान
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि धौलपुर जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) ने बिना किसी कारण के दो परिवहन निरीक्षकों को पूरी रात थाने में रखा, जिससे प्रदेशभर के परिवहन निरीक्षक हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के कारण सरकार को प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पुलिस विभाग के प्रमुख हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा परिवहन विभाग के मुखिया हैं। दोनों विभागों के बीच संघर्ष का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। खाचरियावास ने सवाल उठाया कि जब पिछली सरकार ने चेक पोस्ट बंद कर दी थी, तो अब ये किसके आदेश पर फिर से शुरू किए गए हैं।
हड़ताल से परिवहन विभाग का कामकाज ठप
धौलपुर की घटना के विरोध में परिवहन निरीक्षक संघ ने हड़ताल जारी रखी है, जिससे पिछले तीन दिनों से परिवहन विभाग का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।
इस हड़ताल के कारण निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं:
- ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया
- वाहन पंजीकरण और ट्रांसफर कार्य
- वाहन निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई
मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राज सिंह ने कहा कि वे परिवहन निरीक्षकों की मांगों का समर्थन करते हैं। यदि सरकार जल्द कोई समाधान नहीं निकालती, तो मंत्रालयिक कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे।
क्या है पूरा मामला?
धौलपुर पुलिस अधीक्षक ने 2 फरवरी को ऑन-ड्यूटी परिवहन निरीक्षकों अनिल प्रसाद और शैलेंद्र वर्मा को हिरासत में ले लिया। वे बरेंठा के पास उड़न दस्ते में तैनात थे, जब SP खुद वहां पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस कार्यवाही के विरोध में परिवहन निरीक्षकों ने उसी रात से कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया, जो अब राज्यव्यापी हड़ताल में बदल चुका है।



































































