MP-LAD Fund: जयपुर। राजस्थान में सांसद विकास निधि (MP-LAD) को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के आरोपों के बाद यह मामला केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी नीयत और भविष्य की राजनीति से भी जुड़ गया है।(MP-LAD Fund) बेढम ने कांग्रेस के तीन सांसदों पर अपने संसदीय क्षेत्रों की उपेक्षा कर पड़ोसी राज्य हरियाणा में सांसद निधि खर्च करने का आरोप लगाया है।
कैथल कनेक्शन ने बढ़ाया सियासी तापमान
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने आरोप लगाया कि भरतपुर सांसद संजना जाटव, चूरू सांसद राहुल कस्वां और झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला ने अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों को नजरअंदाज कर हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में सांसद निधि खर्च की। खास बात यह है कि कैथल से कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के पुत्र आदित्य सुरजेवाला विधायक हैं, जिससे इस पूरे मामले को राजनीतिक हितों से जोड़कर देखा जा रहा है।
नियमों की दुहाई बनाम सियासी आरोप
बेढम ने कहा कि सांसदों को प्रतिवर्ष मिलने वाली 5 करोड़ रुपये की सांसद निधि में से सामान्य परिस्थितियों में केवल 25 लाख रुपये ही अपने क्षेत्र के बाहर खर्च किए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद इन सांसदों ने बड़ी राशि कैथल जिले में भेज दी, जबकि उनके संसदीय क्षेत्रों में कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।
हालांकि, बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने 13 अगस्त 2024 को नियमों में संशोधन कर क्षेत्र से बाहर खर्च की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है। इसी बिंदु को लेकर अब राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
कितना पैसा, कहां खर्च?
बेढम के अनुसार, सांसद संजना जाटव ने 45 लाख रुपये, राहुल कस्वां ने 50 लाख रुपये और बृजेन्द्र सिंह ओला ने 25 लाख रुपये कैथल के विकास कार्यों के लिए अनुशंसित किए। कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि हरियाणा भेजे जाने का दावा किया गया है।
संजना जाटव को लेकर बेढम ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने MP-LAD के तहत 142 कार्यों की अनुशंसा की, जिनमें से केवल 37 कार्य ही पूरे हुए और वे भी अलवर जिले में। भरतपुर जिले में एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ, जबकि कैथल विधानसभा में लाखों रुपये के कार्य कराए गए।
कांग्रेस सांसदों का पलटवार
आरोपों पर कांग्रेस सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चूरू सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि मंत्री बेढम को कानून ठीक से पढ़ना चाहिए। सांसद को अनुशंसा करने का अधिकार है, सही या गलत का निर्णय जिला प्रशासन करता है। यदि प्रशासन ने कोई गलती की है तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं भरतपुर सांसद संजना जाटव ने कहा कि नियमों के तहत 50 लाख रुपये तक की राशि कहीं भी दी जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हरियाणा में 50 लाख दिए हैं, जबकि वहां से उनके लोकसभा क्षेत्र के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई है, जिसमें से 80 लाख रुपये डीग जिले के लिए हैं।
विकास बनाम राजनीति की बहस
MP-LAD फंड को लेकर उठा यह विवाद अब विकास कार्यों से आगे निकलकर राजनीतिक मंशा, क्षेत्रीय प्राथमिकता और दलगत समीकरणों पर आ गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सांसद निधि का इस्तेमाल जनहित से ज्यादा राजनीतिक संतुलन साधने के लिए हो रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजस्थान की राजनीति में और गर्माहट ला सकता है।



































































