अरावली विवाद पर CM भजनलाल का बड़ा हमला, बोले- अशोक गहलोत अब सिर्फ ‘ट्विटर मास्टर’ रह गए

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Rajasthan Politics

Rajasthan Politics: जयपुर। राजस्थान की राजनीति में अरावली पर्वतमाला को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें “ट्विटर मास्टर” करार दिया और कहा कि अब उनका प्रभाव खत्म हो चुका है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अरावली क्षेत्र में जमकर खनन हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि साल 2002-03 और 2009-10 के दौरान अरावली पर्वतमाला की परिभाषा किसने बदली और उस समय कितने खनन पट्टे जारी किए गए?

“अरावली से कोई छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं”

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर झूठी अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया।

सीएम ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के दौरान भी कांग्रेस ने भ्रम फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने कानून को सफलतापूर्वक लागू किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का काम केवल अफवाह फैलाना रह गया है।

घुसपैठ और संविधान पर भी कांग्रेस पर निशाना

भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता संविधान में बदलाव की बातें कर जनता को गुमराह कर रहे हैं और एसआईआर जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घुसपैठिए को राजस्थान में रहने नहीं दिया जाएगा।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक हुए, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, “पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल और हमारी सरकार के 2 साल के कामकाज की तुलना कर लीजिए। हमारी सरकार ने बेहतरीन काम किया है।”

पानी के वादों पर भी तंज

जल संकट को लेकर पूर्व सरकार पर कटाक्ष करते हुए सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल यह कहती रही कि वे राजस्थान में पानी लेकर आएंगे, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार जल योजनाओं पर गंभीरता से काम कर रही है और आने वाले समय में इसके ठोस परिणाम दिखेंगे।

अरावली मुद्दे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा के इस आक्रामक बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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