मेडिकल स्टोर या नशे का अड्डा? जयपुर में पुलिस रेड ने खोली फार्मासिस्ट की खतरनाक सच्चाई

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Rajasthan Crime News

Rajasthan Crime News : यपुर में नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने शुक्रवार रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मेडिकल स्टोर चलाने वाले दो फार्मासिस्ट के घरों पर अचानक छापेमारी की गई, जहां से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों और (Rajasthan Crime News )इंजेक्शन का भारी जखीरा बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

घर बने गोदाम, मेडिकल लाइसेंस की आड़ में तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मेडिकल स्टोर की वैध पहचान का इस्तेमाल कर नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई कर रहे थे। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार गोयल (37), निवासी गणेश नगर मानसरोवर हाल प्रताप नगर सेक्टर-19 और नरेंद्र सिंह नरुका (39), निवासी अंबिका कॉलोनी सांगानेर के रूप में हुई है। दोनों ही पेशे से फार्मासिस्ट हैं और मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं।

कमिश्नरेट की सीएसटी टीम को लंबे समय से इन फार्मासिस्टों की गतिविधियों को लेकर सूचना मिल रही थी। शुक्रवार रात सांगानेर और प्रताप नगर स्थित उनके घरों पर एक साथ दबिश दी गई। तलाशी के दौरान पुलिस को ऐसे प्रतिबंधित ड्रग्स मिले, जिन्हें केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही बेचा जा सकता है।

बरामद हुआ नशीली दवाइयों का बड़ा स्टॉक

छापेमारी में पुलिस ने 3,465 ट्रोमाडोल कैप्सूल, 100 नशीले इंजेक्शन, 12,600 अल्प्राजोलम टैबलेट और 1,210 ऐविल टैबलेट जब्त कीं। इसके अलावा नशीली दवाइयों की बिक्री से अर्जित 76,760 रुपये नकद भी आरोपियों के पास से मिले।पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नशीली दवाइयों और इंजेक्शन की अवैध तस्करी करना स्वीकार किया है। पुलिस ने प्रताप नगर और सांगानेर थानों में अलग-अलग मामले दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये प्रतिबंधित दवाइयां किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। जयपुर पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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