Weather Update:देशभर में सर्दी अब सिर्फ ठंड तक सीमित नहीं रही, बल्कि घने कोहरे ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी मुश्किल बना दिया है। सुबह और देर रात विजिबिलिटी इतनी कम हो रही है कि सड़क से लेकर आसमान तक सफर जोखिम भरा बनता जा रहा है। (Weather Update)मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR में कोहरे का येलो अलर्ट
दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदूषण की परत के साथ घना कोहरा छाया रहा। खासकर पालम और सफदरजंग जैसे इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे चली गई। इसी वजह से भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
21–22 दिसंबर तक बना रहेगा अलर्ट
IMD के मुताबिक, दिल्ली और पूरे NCR में 21 और 22 दिसंबर को भी कोहरे का असर बना रहेगा। सुबह और देर रात के समय कोहरा और ज्यादा घना हो सकता है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में कोहरे का असर
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और बिहार में भी सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे की संभावना जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत में भी कोहरे का असर देखने को मिल सकता है।
ठंड और कोहरे का डबल खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में कोल्ड डे और कहीं-कहीं सीवियर कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है। फिलहाल न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं दिखेगी, लेकिन कुछ राज्यों में अगले दिनों में 2–3 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी संभव है।
पहाड़ों में बर्फबारी की चेतावनी
IMD के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 20 और 21 दिसंबर को हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 20 से 22 दिसंबर के बीच बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पंजाब में भी इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है।
सफर करने वालों के लिए जरूरी सलाह
घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चलाते समय धीमी रफ्तार, फॉग लाइट और हेडलाइट का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मौसम से जुड़ी स्थानीय एडवाइजरी पर नजर रखना भी जरूरी है।


































































