Rajyog Meditation: अर्जुन नगर, जयपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र में शुक्रवार को 90वीं त्रिमूर्ति शिवजयंती महोत्सव श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः 7 से 9 बजे तक चले इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, माताएं, बहनें एवं युवा शामिल हुए। (Rajyog Meditation )कार्यक्रम स्थल प्रभु उपहार भवन आध्यात्मिक सजावट और शिवध्वज की शोभा से आकर्षण का केंद्र बना रहा।
राजयोग और मुरली से मिला दिव्य संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक राजयोग ध्यान से हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने आत्मशांति और परमात्म स्मृति का गहन अनुभव किया। इसके पश्चात मुरली क्लास के माध्यम से शिवजयंती का आध्यात्मिक महत्व समझाया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह पर्व आत्मजागृति और संस्कार परिवर्तन का प्रतीक है, जो मानव को भीतर से शक्तिशाली बनाता है।
सुषमा दीदी का प्रेरक उद्बोधन
आदरणीय सुषमा दीदी ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में आत्मशक्ति और सकारात्मक चिंतन ही सच्ची सुरक्षा है। उन्होंने सभी को नियमित राजयोग अभ्यास और सेवा भावना अपनाने की प्रेरणा दी।
ध्वजारोहण और भोग अर्पण का भावपूर्ण दृश्य
शिवध्वज के ध्वजारोहण के साथ पूरे परिसर में उत्साह की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भोग अर्पित कर विश्व कल्याण और शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण रही। इस अवसर पर जयंती दीदी , पद्मा दीदी,भावना दीदी, सुप्रिया दीदी सहित कई ब्रह्माकुमारी एवं ब्रह्मा कुमार भाई बहने उपस्थित रहे। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ

































































