Cyber Crime: अलवर जिले में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए गए ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। पुलिस थाना राजगढ़ की टीम ने एक बड़े साइबर ठगों के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। (Cyber Crime)ये आरोपी कमीशन पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स) उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के संदिग्ध बैंक खातों में लगभग 2 करोड़ 06 लाख रुपये की साइबर फ्रॉड की राशि का लेन-देन पाया गया है।
आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश पुलिस के प्रयासों से
यह कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कांबले शरण गोपीनाथ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका रघुवंशी के सुपरविजन में थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। जांच के दौरान, दो संदिग्ध बैंक खातों में साइबर फ्रॉड की 40 शिकायतें दर्ज पाई गईं। इन खातों में प्रिया मीना और सोनिया मीना के नाम पर खातों की जानकारी सामने आई। यह खातें फर्म ‘सोनिया ब्यूटी पार्लर’ के नाम से खोले गए थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान की है। इनमें खाता धारक सोनिया मीना, प्रिया मीना, अनिल मीना और अन्य आरोपी शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने पैसे का लालच देकर भोले-भाले लोगों के नाम पर करंट/कॉर्पोरेट अकाउंट्स खुलवाए थे।
ये अकाउंट्स साइबर ठगों को बेचे जाते थे। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर अकाउंट्स खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी से अर्जित राशि जमा होती थी, जिसे आगे यूपी के आरोपी एटीएम से निकालते थे या क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे।
पुलिस ने बरामद कीं महत्वपूर्ण चीजें
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 01 लेपटॉप, 30 एटीएम कार्ड, 07 मोबाइल फोन, 02 चेक बुक और 02 डायरियां बरामद की हैं। इन उपकरणों से पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।



































































