महाराष्ट्र में 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द, फडणवीस सरकार के फैसले से सियासत गरमाई

5
Devendra Fadnavis Government

Devendra Fadnavis Government: महाराष्ट्र में बीजेपी नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया. सरकार ने पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए जाने वाला 5% आरक्षण रद्द कर दिया। अब राज्य में मुसलमानों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा। साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के मुसलमानों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी का(Devendra Fadnavis Government) आरक्षण दिया गया था।

इस अध्यादेश को दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। जिसके कारण यह अध्यादेश कानून तक नहीं बदल पाया। अब सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया कि इस अध्यादेश से जुड़े सभी निर्णय और परिपत्र रद्द माने जाएंगे। सरकार के इस फैसले के बाद कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण पर एडिमशन नहीं मिलेगा। साथ ही इस श्रेणी के जाति प्रमाण पत्र या वैधता प्रमाण पत्र नहीं जारी होंगे। पहले से बनवाए गए मान्य नहीं होंगे।

75 संस्थानों पर शिकंजा

वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन 75 अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के दर्जे पर रोक लगा दी है, जिन्हें डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के तुरंत बाद मंजूरी दी गई थी। बताया जा रहा है कि जिस अजित पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उस दिन 7 संस्थानों को स्वीकृति मिली। उसके बाद कुछ दिनों में यह संख्या 75 को पार कर गई। बता दें कि महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक विकास विभाग पहले अजित पवार के पास था। निधन के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार संभाल रही हैं. सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here