Rajasthan Crime News: टोंक। राजस्थान के टोंक जिले में पुलिस ने नए साल से ठीक पहले, 31 दिसंबर को अवैध विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया। यह कार्रवाई राज्य सरकार के अवैध खनन के खिलाफ शुरू होने वाले अभियान से पहले हुई है। पुलिस का यह कदम(Rajasthan Crime News) अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का संकेत दे रहा है।
बूंदी से लाई जा रही थी खतरनाक सामग्री
पुलिस की डीएसटी टीम ने टोंक-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर बरौनी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी की। यहां एक सियारा कार को रोका गया, जो बूंदी से टोंक की ओर जा रही थी। तलाशी में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली।
दो संदिग्धों सुरेंद्र पटवा और सुरेंद्र मोची को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों बूंदी जिले के करवर गांव के निवासी हैं। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने किया।
यूरिया के बोरे में छिपा अमोनियम नाइट्रेट
संदिग्धों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, बताया कि कार में यूरिया खाद है। लेकिन तलाशी में 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज और 1100 सेफ्टी फ्यूज वायर बरामद हुए।
अमोनियम नाइट्रेट मुख्य रूप से पत्थर खनन में उपयोग होता है, लेकिन यह बेहद खतरनाक है। हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके में इसी का इस्तेमाल किया गया था।
अवैध खदानों से जुड़े तार
पुलिस को शक है कि ये विस्फोटक सामग्री अरावली पहाड़ों और आसपास के क्षेत्रों में चल रही अवैध खदानों में इस्तेमाल होने के लिए लाई जा रही थी। डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह किसी बड़ी विध्वंसक योजना का हिस्सा तो नहीं। अगर ऐसा हुआ तो और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।































































