Sharmistha Panoli Arrest: कोलकाता पुलिस द्वारा शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस गिरफ्तारी को लेकर ममता सरकार पर सीधा हमला बोला है।पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी और डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने (Sharmistha Panoli Arrest) शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को अनुचित करार दिया। दोनों नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक वर्ग को संतुष्ट करने के लिए की गई है।
धर्मनिरपेक्षता सबके लिए बराबर हो
पवन कल्याण ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शर्मिष्ठा, जो एक कानून की छात्रा हैं, ने अपनी राय रखी थी। उनके शब्द कुछ लोगों को आहत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने वीडियो डिलीट किया और माफी भी मांगी।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब TMC के नेता सनातन धर्म का अपमान करते हैं तो उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती? “ईशनिंदा की हमेशा निंदा होनी चाहिए! धर्मनिरपेक्षता सबके लिए हो – यह तलवार नहीं, न्याय का रास्ता होना चाहिए।”
सुवेंदु अधिकारी का तीखा प्रहार:
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी के लिए ‘जय श्री राम’ अपमानजनक शब्द है, लेकिन इस पर कभी कानूनी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने याद दिलाया कि महुआ मोइत्रा की देवी काली पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर भी FIR हुई, पर कोई कड़ी सज़ा नहीं दी गई। बीजेपी नेताओं ने फिरहाद हकीम के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि “जो इस्लाम में पैदा नहीं हुए, वे बदकिस्मत हैं” – फिर भी पुलिस मौन रही।
22 साल की छात्रा को कोलकाता पुलिस ने गुड़गांव से किया गिरफ्तार
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 22 वर्षीय लॉ की छात्रा शर्मिष्ठा ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक व्यक्तिगत टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को टारगेट करने पर प्रतिक्रिया दी थी। उस वीडियो को उन्होंने खुद डिलीट कर दिया और माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद कोलकाता पुलिस ने गुड़गांव से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर #मैंशर्मिष्ठा_के_साथ ट्रेंड कर रहा है, जिसमें यूजर्स अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के समान उपयोग की मांग कर रहे हैं।



































































