कानपुर का साधारण आदमी अब आसमान में, शंख एयरलाइन का सपना सच, आम आदमी के लिए बड़ा मौका!

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Shankh Airlines
Shankh Airlines: भारत के एविएशन सेक्टर में एक बार फिर हलचल, शंख एयर, अलहिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस जैसी नई एयरलाइंस आकाश में उतरने को तैयार। शंख एयर (Shankh Air), अलहिंद एयर (Al Hind Air) और फ्लाईएक्सप्रेस (FlyExpress) जैसी नई एयरलाइंस सिर्फ नए रूट्स ही नहीं लाएंगी, बल्कि अलग-अलग बिजनेस मॉडल के जरिए बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश करेंगी। इसमें सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं शंख एयरलाइंस। इस कंपनी के चेयरमैन दीपक विश्वकर्मा कभी टेंपो चलाते थे और आज वह हवाई जहाज उड़ाने वाले हैं।

कानपुर की तंग गलियों से निकलकर देश के आसमान तक पहुंचने की यह कहानी किसी फिल्म से कम नहीं। कभी टेंपो चलाने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा अब अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करने जा रहे हैं। करीब 26 महीने पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश की पहली एयरलाइन की नींव रखी, जिसका नाम शंख एयरलाइन (Shankh Airlines) रखा गया।

कौन हैं श्रवण कुमार विश्वकर्मा?

श्रवण कुमार शंख एयर के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखते हैं। मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे श्रवण बताते हैं कि पढ़ाई में उनका मन ज्यादा नहीं लगता था, लेकिन उन्होंने व्यापार में कदम रखा और धीरे-धीरे खुद को खड़ा किया। उनके पहले बिजनेस थे सरिया (TMT), सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर। उन्होंने ट्रकों का बड़ा बेड़ा खड़ा किया और वहीं से उनकी कारोबारी पहचान बनी।

श्रवण खुद स्वीकार करते हैं कि उन्होंने टेंपो में सफर किया और जरूरत पड़ने पर टेंपो भी चलाया। उनका मानना है कि नीचे से ऊपर तक का सफर इंसान को आम आदमी की हर परेशानी समझा देता है। यही अनुभव अब उनके फैसलों की बुनियाद है।

एविएशन सेक्टर में नया मॉडल

तीन-चार साल पहले श्रवण ने एविएशन सेक्टर में कदम रखने का विचार किया। उन्हें लगा कि हवाई यात्रा अब लग्ज़री नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। मध्यम वर्ग के लिए भरोसेमंद और किफायती विकल्प कम हैं। इसी सोच से शंख एयरलाइन की नींव पड़ी।

श्रवण कहते हैं, “‘शंख’ हर घर में होता है, लेकिन उसे अलग अंदाज में बजाना सबके बस की बात नहीं। यही हमारी ब्रांड फिलॉसफी है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि डायनामिक प्राइसिंग नहीं होगी। जो किराया सुबह रहेगा, वही शाम को भी रहेगा।

उत्तर प्रदेश की पहली एयरलाइन

शंख एयर उत्तर प्रदेश से आने वाली पहली एयरलाइन होगी। श्रवण का सपना है कि हर व्यक्ति उनकी एयरलाइन में बैठे, चाहे उसने हवाई चप्पल पहना हो या जूते। कुछ साल पहले उन्होंने देखा कि मिडिल क्लास के लिए सस्ती और भरोसेमंद एयरलाइन की कमी है, और इसे अवसर के रूप में देखा।

यह नया कदम भारतीय एविएशन सेक्टर में बदलाव की शुरुआत कर सकता है। आम आदमी के लिए हवाई सफर अब और भी आसान और किफायती बनने वाला है।

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